चंडीगढ़ 30 दिसम्बर (जगदीश कुमार)केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) योजना का नाम बदलने के मुद्दे को लेकर आज पंजाब विधानसभा का स्पेशल सेशन बुलाया गया है। सत्र की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू होगी। सेशन से पहले आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा मनरेगा मजदूरों के पत्र सिर पर उठाकर विधानसभा पहुंचे, वहीं बड़ी संख्या में मजदूर भी विशेष सत्र को देखने विधानसभा पहुंचे हैं।सत्र के अंत में मनरेगा को लेकर एक प्रस्ताव पेश किया जाएगा। प्रस्ताव में मुख्य रूप से यह मांग रखी जाएगी कि मनरेगा को 60 प्रतिशत केंद्र और 40 प्रतिशत राज्य सरकार के फंड के बजाय पूरी तरह 100 प्रतिशत केंद्र सरकार की वित्तीय मदद वाली योजना के रूप में ही जारी रखा जाए। इसके साथ ही मजदूरों के 100 दिन के रोजगार के अधिकार को बरकरार रखने की भी मांग की जाएगी।विधानसभा में पहुंचे विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने विशेष सत्र को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस सेशन से कुछ भी हासिल नहीं होगा और यह सिर्फ ड्रामा है, जिससे पंजाब का पैसा बर्बाद होगा। उन्होंने कहा कि बीजेपी की सोच महात्मा गांधी के खिलाफ रही है, लेकिन मुख्यमंत्री से सवाल करते हुए बाजवा ने कहा कि जब मौजूदा सरकार सत्ता में आई, तो सबसे पहले दफ्तरों से महात्मा गांधी की तस्वीरें हटाई गईं। आज पंजाब के किसी भी सरकारी दफ्तर में गांधी जी की फोटो नजर नहीं आती। बाजवा ने यह भी आरोप लगाया कि सरकार 100 दिन के रोजगार की बात करती है, जबकि उनके कार्यकाल में मनरेगा मजदूरों को औसतन सिर्फ 27 दिन का ही रोजगार मिला है।सत्र की शुरुआत में श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के चार साहिबजादों की अतुलनीय शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके बाद पंजाब के पूर्व राज्यपाल शिवराज चौहान, पूर्व मंत्री जगतार सिंह मुल्तानी, पूर्व राज्य मंत्री तारा सिंह लाडल और पूर्व विधायक तरलोचन सिंह को श्रद्धांजलि दी जाएगी, जिनका हाल ही में निधन हुआ है। इसके अलावा सदन में कुल 9 रिपोर्टें भी पेश की जाएंगी।