पंजाब 11 जनवरी(दैनिक खबरनामा) लुधियाना कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा है कि पंजाब के किसी भी गांव, कस्बे या शहर में लटकती बिजली की तारें नजर नहीं आनी चाहिए। उन्होंने बताया कि नगर निगमों और नगर परिषदों से जुड़ी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा और इसके लिए पावरकॉम (पीएसपीसीएल) को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।ये बातें कैबिनेट मंत्री अरोड़ा ने लुधियाना के फोकल पॉइंट में केजे ग्रुप द्वारा स्थापित अल्ट्रा मॉडर्न ‘टूल रूम’ यूनिट के उद्घाटन अवसर पर कहीं। उन्होंने कहा कि इस यूनिट में लगी अधिकांश मशीनें अब भारत में ही—बेंगलुरु और गुजरात जैसे शहरों में—विकसित की गई हैं, जिन्हें पहले विदेशों से आयात किया जाता था।पत्रकारों से बातचीत में मंत्री अरोड़ा ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी नीतियों के कारण पंजाब में उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल बना है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि केजे फोर्जिंग की यह नई यूनिट 35 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि ‘इन्वेस्ट पंजाब’ पहल के तहत वर्ष 2022 से अब तक लगभग 1.50 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जिससे करीब 5.25 लाख लोगों को रोजगार के अवसर मिले हैं।उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2025 में केजे ग्रुप ने 52 करोड़ रुपये का निवेश किया है, जबकि वर्ष 2026 में 12 मेगावाट के सोलर पावर प्लांट के जरिए 66 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश किया जाएगा। इससे हजारों बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलने की उम्मीद है।इस अवसर पर राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत सिंह संधू, सीआईसीयू से उपकार सिंह आहूजा, गलाडा के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार, केजे ग्रुप से गोपी कोठारी और अमित कोठारी, नवीन बहल सहित बड़ी संख्या में औद्योगिक प्रतिनिधि मौजूद रहे।कैबिनेट मंत्री अरोड़ा ने बताया कि शहर के बुनियादी ढांचे में सुधार और सीवरेज सिस्टम के उन्नयन पर भी तेजी से काम किया जाएगा। साथ ही बुद्धा दरिया पुनर्जीवन परियोजना पर युद्धस्तर पर कार्य जारी है। दरिया में गोबर और डेयरी कचरा डालने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है और रंगाई इकाइयों सहित सभी फैक्ट्रियों को बिना उपचारित पानी छोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।इस मौके पर केजे ग्रुप ने पंजाब सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और शांतिपूर्ण वातावरण के लिए आभार जताते हुए मुख्यमंत्री राहत कोष में 21 लाख रुपये का योगदान भी दिया।