जालंधर 27 दिसम्बर (जगदीश कुमार)पंजाब में महिला सिख धर्म प्रचारक बीबी दलेर कौर के धार्मिक समागम को लेकर उठा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मामला इतना बढ़ गया कि फतेहगढ़ साहिब में आयोजित शहीदी सभा में भी इसे लेकर चर्चा हुई। निहंग जत्थेबंदियों के सिंह साहिबानों ने बीबी दलेर कौर द्वारा सोशल मीडिया पर भावुक होकर रोने के वीडियो साझा करने पर कड़ा एतराज जताया।निहंगों का कहना है कि बीबी दलेर कौर खुद को अंतरराष्ट्रीय प्रचारक बताती हैं और मंचों से साहस की बातें करती रही हैं, ऐसे में अब सोशल मीडिया पर आंसू बहाना उचित नहीं है। उन्होंने बीबी दलेर कौर के बयानों को सिख मर्यादा और इतिहास से जोड़कर सवाल खड़े किए।वहीं, एक अन्य महिला सिख धर्म प्रचारक प्रभलीन कौर खुलकर बीबी दलेर कौर के समर्थन में सामने आई हैं। प्रभलीन कौर ने कहा कि सिखी बाणा धारण करने वाली महिलाओं को लगातार धमकाया जा रहा है। उन्होंने तीखा बयान देते हुए कहा कि समाज में उन महिलाओं को ज्यादा स्वीकार किया जाता है जो अश्लील वीडियो डालती हैं, जबकि धर्म प्रचार करने वाली महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है। प्रभलीन के अनुसार, इस पूरे घटनाक्रम के बाद बीबी दलेर कौर मानसिक तनाव और डिप्रेशन में हैं और उन्हें ठीक से नींद भी नहीं आ रही है।गौरतलब है कि 22 दिसंबर को गुरदासपुर के पंजगराइयां गांव में आयोजित एक धार्मिक समागम के दौरान बीबी दलेर कौर ने सिख इतिहास से जुड़ा एक संदर्भ दिया था। उन्होंने कहा था कि चमकौर की गढ़ी छोड़ते समय दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने अपनी कलगी तोड़कर बाबा संगत सिंह को दी थी। इसी बयान को लेकर निहंगों ने कड़ा विरोध जताया। निहंग जत्थेबंदियों का तर्क है कि कुछ सिख इतिहासकारों के अनुसार कलगी भाई जीवन सिंह को दी गई थी।फिलहाल यह विवाद धार्मिक, सामाजिक और सोशल मीडिया स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और सिख समाज के भीतर अलग-अलग मत सामने आ रहे हैं।
