चंडीगढ़ 30 दिसम्बर (जगदीश कुमार)नगर निगम की वर्ष 2025 की अंतिम हाउस बैठक जारी है। बैठक में पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया विशेष रूप से मौजूद हैं। यह बैठक ऐसे समय पर हो रही है, जब शहर में मेयर चुनाव को लेकर राजनीतिक तापमान चरम पर है और सभी दलों की नजर पार्षदों की संख्या व उनकी निष्ठा पर टिकी हुई है।राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि बैठक के बहाने पर्दे के पीछे सियासी जोड़-तोड़ भी तेज हो सकती है। बैठक की टाइमिंग ने सत्ता पक्ष भाजपा के साथ-साथ विपक्षी गठबंधन आम आदमी पार्टी-कांग्रेस की भी चिंता बढ़ा दी है।
मेयर की कुर्सी पर घमासानमेयर चुनाव को लेकर भाजपा पहले ही आम आदमी पार्टी की दो महिला पार्षदों को अपने खेमे में शामिल कर चुकी है। इसके अलावा विपक्षी पार्षदों को साधने की कोशिशें भी जारी बताई जा रही हैं। हालांकि भाजपा के भीतर भी यह आशंका बनी हुई है कि कहीं खींचे गए पार्षद आखिरी वक्त पर रुख न बदल लें।वहीं आम आदमी पार्टी अपने पार्षदों की घर वापसी के प्रयास में जुटी है। कांग्रेस और आप, दोनों को डर है कि भाजपा उनके खेमे में और सेंधमारी कर सकती है। इसी कारण तीनों दलों का शीर्ष नेतृत्व सदन की गैलरी से पार्षदों की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए है।विकास एजेंडे पर भी सियासत हावी
सियासी हलचल के बीच बैठक में शहर के विकास से जुड़े कई अहम प्रस्ताव भी रखे जा सकते हैं। सबसे ज्यादा निगाहें इस बात पर हैं कि प्रशासक गुलाब चंद कटारिया अपने संबोधन में निगम के लिए कोई बड़ी घोषणा करते हैं या नहीं। यदि ऐसा होता है, तो भाजपा और मौजूदा मेयर हरप्रीत कौर बबला इसे अपनी बड़ी उपलब्धि के तौर पर पेश कर सकती हैं।संख्या बल में भाजपा आगेनगर सांसद की गैरमौजूदगी में सदन में भाजपा के पास 18 पार्षद, जबकि आप-कांग्रेस गठबंधन के पास 17 पार्षद मौजूद रहेंगे। वर्ष 2022 के बाद यह पहला मौका होगा, जब निगम सदन में भाजपा संख्या बल में आगे होगी। ऐसे में किसी भी प्रस्ताव पर वोटिंग की स्थिति में भाजपा का पलड़ा भारी रहेगा और विपक्ष के पास वॉकआउट के अलावा सीमित विकल्प बचेंगे।मनीमाजरा पॉकेट-6 पर भी नजरबैठक में मनीमाजरा के विवादित पॉकेट नंबर-6 से जुड़ा एजेंडा आता है या नहीं, इस पर भी सभी की निगाहें टिकी हैं। यह परियोजना मेयर का ड्रीम प्रोजेक्ट मानी जा रही है, हालांकि इस मुद्दे पर भाजपा के भीतर भी पूरी एकजुटता नजर नहीं आ रही है।कुल मिलाकर, यह हाउस बैठक न सिर्फ विकास प्रस्तावों के लिए अहम है, बल्कि मेयर चुनाव की तस्वीर बदलने वाली साबित हो सकती है।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया बोले देश नए युग में, महिला-युवा सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकता”

चंडीगढ़ 8 जनवरी(जगदीश कुमार)चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि…
Share to :

नए आयकर कानून के लिए तैयार रहें अधिकारी, CBDT चेयरमैन ने किया सतर्क और सक्रिय रहने का आह्वान

नई दिल्ली 5 जनवरी ( दैनिक खबरनामा ) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड…
Share to :

हिमाचल प्रदेश सैलानियों की बर्फीले नए साल के लिए उमड़ी भीड़

शिमला 31 दिसंबर (दैनिक खबरनामा )नए साल के जश्न को खास बनाने…
Share to :

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में टकराव तेज आप ने ठुकराया कांग्रेस का समर्थन, भाजपा से साठगांठ का लगाया आरोप

चंडीगढ़ 7 जनवरी ( दैनिक खबरनामा)मेयर चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी…
Share to :