चंडीगढ़ 5 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़।नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पंजाब सरकार की उस विवादित नीति पर रोक बढ़ा दी है, जिसके तहत वन क्षेत्रों से सटी निचली शिवालिक पहाड़ियों में फार्महाउस या “ग्रीन हैबिटेट” परियोजनाओं को मंजूरी देने की अनुमति दी गई थी। ट्रिब्यूनल के आदेश के बाद अब शिवालिक की पर्यावरणीय रूप से संवेदनशील पहाड़ियों में निर्माण गतिविधियों पर फिलहाल ब्रेक लग गया है।NGT ने इस मामले में अगली सुनवाई 9 अप्रैल को तय की है। तब तक पंजाब सरकार
की इस नीति पर रोक लागू रहेगी। इससे पहले भी ट्रिब्यूनल ने इस नीति पर 4 फरवरी तक अंतरिम स्टे लगाया था, जिसे अब आगे बढ़ा दिया गया है।सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार इस मुद्दे पर अपना जवाब समय पर दाखिल नहीं कर सकी, जिस पर ट्रिब्यूनल ने नाराजगी जताई। NGT ने कहा कि यह नीति पर्यावरणीय संतुलन को नुकसान पहुंचा सकती है और सुप्रीम कोर्ट के पहले से जारी निर्देशों के खिलाफ जाती नजर आती है।याचिकाकर्ताओं की ओर से आरोप लगाया गया है कि इस नीति का उद्देश्य संरक्षित वन क्षेत्र में मौजूद 55,000 हेक्टेयर से अधिक भूमि पर बने अवैध निर्माणों को वैध बनाना था। इसके अलावा यह भी दावा किया गया है कि सरकार ने बड़ी मात्रा में वन भूमि को पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम (PLPA) के दायरे से बाहर कर दिया, जिससे इस इलाके में निर्माण गतिविधियों का रास्ता साफ हो सकता था।
मामले में याचिकाकर्ताओं ने कहा कि यह नीति पर्यावरण संरक्षण
के बजाय प्रभावशाली लोगों और बड़े बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए लाई गई थी। अब NGT की रोक के बाद इस नीति को लेकर कानूनी लड़ाई और तेज होने की संभावना है।