लखनऊ 8 जनवरी (दैनिक खबरनामाउत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के 21 जिलों के 64 ब्लॉकों में एक बड़े और व्यापक अभियान की शुरुआत करने जा रही है। यह अभियान 10 फरवरी से 28 फरवरी तक चलेगा, जिसके तहत सरकारी टीमें घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगी और योजनाओं से जुड़ी गतिविधियों को अंजाम देंगी।सरकार की ओर से इस अभियान को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। इन निर्देशों के अनुसार, विभिन्न विभागों की टीमें गठित की जाएंगी, जो तय समय-सीमा में गांवों और शहरी क्षेत्रों में जाकर अभियान को प्रभावी रूप से लागू करेंगी। प्रत्येक टीम को अपने क्षेत्र में निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई है।योजनाओं का लाभ और निगरानी पर जोरसूत्रों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा, पात्र लाभार्थियों की पहचान और लोगों को योजनाओं की जानकारी देना है। इसके साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिलने से वंचित न रहना पड़े।टीमें घर-घर जाकर लोगों से बातचीत करेंगी, उनकी समस्याएं सुनेंगी और मौके पर ही कई मामलों का समाधान करने का प्रयास करेंगी। गंभीर मामलों को संबंधित विभागों तक भेजकर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
प्रशासनिक अमला रहेगा अलर्टअभियान के दौरान जिला प्रशासन, ब्लॉक स्तर के अधिकारी और फील्ड कर्मचारी पूरी तरह अलर्ट मोड में रहेंगे। वरिष्ठ अधिकारी समय-समय पर अभियान की समीक्षा करेंगे और प्रगति रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।सरकार का मानना है कि इस तरह के जमीनी स्तर के अभियानों से न सिर्फ योजनाओं की प्रभावशीलता बढ़ेगी, बल्कि जनता और प्रशासन के बीच भरोसा भी मजबूत होगा।