लखनऊ | 29 दिसंबर (जगदीश कुमार)उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोशल मीडिया के जरिए शिया धर्मगुरुओं और समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों के खिलाफ अश्लील, अभद्र और अपमानजनक टिप्पणियां किए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस घटना से शिया समुदाय में भारी रोष है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।मामले को लेकर सआदतगंज निवासी नूरुल हसन ने स्थानीय पुलिस थाने में तहरीर देकर बताया कि कुछ लोगों द्वारा जानबूझकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का गलत इस्तेमाल करते हुए शिया धर्मगुरुओं, धार्मिक भावनाओं और सम्मानित नागरिकों को निशाना बनाया गया। आरोप है कि इन टिप्पणियों से न केवल धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं, बल्कि समाज में आपसी सौहार्द बिगाड़ने का प्रयास भी किया गया है।शिकायत के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि मामला आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज किया गया है। सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है और आपत्तिजनक पोस्ट व टिप्पणियों को साक्ष्य के तौर पर सुरक्षित किया गया है।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली भाषा का इस्तेमाल किया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए साइबर सेल को भी जांच में शामिल किया गया है।इस घटना के बाद शिया समाज के कई लोगों ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए प्रशासन से सख्त कदम उठाने की मांग की है। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने और नफरत भरी टिप्पणियां करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही