भोपाल 3 जनवरी( दैनिक खबरनामा ) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) समाज को एकजुट करने और उसमें ऐसे गुण व संस्कार विकसित करने का कार्य करता है, जिससे भारत दोबारा किसी विदेशी शक्ति के अधीन न जाए। यह बात RSS प्रमुख मोहन भागवत ने शुक्रवार (2 जनवरी 2026) को भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम में कही।उन्होंने कहा कि संघ को समझना आसान नहीं है, क्योंकि यह एक विशिष्ट और अनोखा संगठन है। मोहन भागवत ने स्पष्ट किया कि RSS को पैरामिलिट्री संगठन समझना एक बड़ी भूल होगी।उन्होंने कहा, “हम गणवेश पहनते हैं, पथ संचलन करते हैं और दंड (लाठी) का अभ्यास करते हैं, लेकिन यदि कोई इसे अर्धसैनिक संगठन मानता है, तो यह गलत होगा।”RSS प्रमुख ने कहा कि संघ का उद्देश्य समाज को संगठित करना, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन और नैतिक मूल्यों को मजबूत करना है। संघ समाज में ऐसे संस्कार विकसित करता है, जिससे देश की एकता और अखंडता बनी रहे।कार्यक्रम में शहर के कई गणमान्य नागरिक और समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।