अहमदाबाद 8जनवरी (दैनिक खबरनामा)गुजरात और महाराष्ट्र के राज्यपाल आचार्य देवव्रत एक बार फिर अपने सादगी भरे और आमजन से जुड़े अंदाज़ को लेकर चर्चा में हैं। बुधवार को उन्होंने गांधीनगर से माणसा तहसील के सोलैया गांव तक का सफर राज्य परिवहन की सरकारी बस में आम यात्री की तरह किया।बस में चढ़ते ही आचार्य देवव्रत ने किसी विशेष सुविधा या पहचान का इस्तेमाल नहीं किया। उन्होंने सामान्य यात्रियों की तरह सीट पर बैठकर महिला कंडक्टर से टिकट मांगा, जिसके बाद बस में मौजूद यात्री हैरान रह गए। कंडक्टर ने भी पूरी प्रक्रिया के तहत उनका टिकट काटा।
पहले भी दिखा है सादगी का उदाहरणयह पहला मौका नहीं है जब आचार्य देवव्रत का ऐसा रूप सामने आया हो। इससे पहले, जब सी.पी. राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति बनने के बाद उन्हें महाराष्ट्र के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया था, तब भी वे ट्रेन से मुंबई गए थे और वहीं जाकर कार्यभार ग्रहण किया था।लोकभवन’ की सोच को कर रहे साकार गुजरात में आचार्य देवव्रत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘लोकभवन’ की अवधारणा को जमीन पर उतारने वाला राज्यपाल माना जा रहा है। उनका मानना है कि जनप्रतिनिधियों और संवैधानिक पदों पर बैठे लोगों को आम जनता के बीच रहकर ही प्रशासन को समझना चाहिए।सोशल मीडिया पर हो रही सराहनाराज्यपाल के इस सादे व्यवहार की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं। लोग उनकी तारीफ करते हुए लिख रहे हैं कि “यही है सच्चा जनसेवक”, तो कोई उन्हें “कॉमन मैन गवर्नर” बता रहा है।आचार्य देवव्रत का यह कदम न सिर्फ मिसाल बन गया है, बल्कि यह भी दिखाता है कि बड़े पद पर होने के बावजूद जमीन से जुड़ाव कैसे बनाए रखा जा सकता है।