जम्मू एंड कश्मीर 10 जनवरी (दैनिक खबरनामा)जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सिंधु जल संधि के निलंबन का खुलकर समर्थन करते हुए इसे प्रदेश के हित में ऐतिहासिक कदम बताया है। अमृतसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीएम अब्दुल्ला ने कहा कि यह संधि शुरू से ही जम्मू-कश्मीर के लिए नुकसानदेह रही है और इसके निलंबन से अब क्षेत्र को अपने जल संसाधनों के बेहतर उपयोग का अवसर मिलेगा।मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा,
“मैं पहले दिन से ही सिंधु जल संधि के खिलाफ रहा हूं। इस समझौते ने हमें बहुत नुकसान पहुंचाया है। अच्छा हुआ कि इसे निलंबित किया गया।”उन्होंने केंद्र सरकार से आगे की रणनीति पर ठोस कदम उठाने की मांग करते हुए कहा कि अब सिर्फ संधि का निलंबन काफी नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जम्मू-कश्मीर के लोग अपने पानी का उपयोग अपने विकास के लिए कर सकें।दो अहम परियोजनाओं का प्रस्ताव केंद्र को सौंपा सीएम उमर अब्दुल्ला ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र को दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं का प्रस्ताव सौंपा है, जिनसे प्रदेश को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। इनमें प्रमुख है झेलम नेविगेशन बैराज, जिसे तुलबुल नेविगेशन बैराज के नाम से भी जाना जाता है। उनका कहना है कि इन परियोजनाओं के जरिए न सिर्फ जल प्रबंधन बेहतर होगा, बल्कि आर्थिक और परिवहन विकास को भी गति मिलेगी।सीएम ने स्पष्ट किया कि अब समय आ गया है जब जम्मू-कश्मीर अपने प्राकृतिक संसाधनों पर अधिकार स्थापित करे और पानी को अपने लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल करे।