हिमाचल प्रदेश 21 जनवरी( दैनिक खबरनामा ) शिमला। हिमाचल प्रदेश में अब ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने, वाहन की पासिंग, पंजीकरण, टैक्स अदायगी और फिटनेस जैसे कार्यों के लिए आरटीओ कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। परिवहन विभाग ने इन सभी सेवाओं को ऑनलाइन करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। विभाग की वेबसाइट पर टैक्सी परमिट, गुड्स कैरियर, नेशनल परमिट, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज और टूरिस्ट परमिट भी ऑनलाइन उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था को मार्च तक लागू करने की डेडलाइन तय की गई है।उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने सड़क सुरक्षा प्रकोष्ठ की बैठक के बाद बताया कि ऑनलाइन आवेदन के बाद तय समय के भीतर मंजूरी दी जाएगी और फाइल अप्रूवल का मैसेज आवेदक के मोबाइल पर पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और आरटीओ, एमवीआई व एसडीएम स्तर पर हस्तक्षेप व विवेकाधीन शक्तियां कम होंगी।दूरदराज क्षेत्रों के लिए विभाग मोबाइल फिटनेस ऐप भी तैयार कर रहा है। इस ऐप के जरिए डिजिटल फिटनेस निरीक्षण, फोटो व जीपीएस साक्ष्य, फर्जी प्रमाण-पत्रों पर रोक, कागज-रहित प्रक्रिया और रियल-टाइम डेटा समन्वयन संभव होगा। एम-फिटनेस ऐप का शुभारंभ भी कर दिया गया है।वाहनों की जांच को और सुदृढ़ करने के लिए ऑटोमेटेड टेस्टिंग स्टेशन तैयार किए जा रहे हैं। निजी क्षेत्र में बिलासपुर, रानीताल, कांगू, नालागढ़ और पांवटा साहिब में तथा सरकारी क्षेत्र में हरोली, नादौन और बद्दी में ये सेंटर स्थापित हो रहे हैं।
रोजगार सृजन की दिशा में 1,061 स्टेज कैरिज बस रूट निजी क्षेत्र को स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा 39 हजार से अधिक टैक्सी/मैक्सी परमिट जारी किए जा चुके हैं। 1,000 ई-टैक्सी और 390 नए बस रूट भी आवंटित किए जा रहे हैं, जिनकी खरीद पर सरकार अनुदान दे रही है।परिवहन विभाग ने राजस्व के मोर्चे पर भी रिकॉर्ड बनाया है। नीति आयोग के इंडिया इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स में अग्रणी राज्यों में शामिल हिमाचल के परिवहन विभाग ने 2,597.59 करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया है, जो पिछली सरकार की अवधि से 73 प्रतिशत अधिक है। राजस्व संग्रह में यह विभाग आबकारी के बाद प्रदेश में दूसरे स्थान पर है।पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देते हुए शिमला स्थित परिवहन विभाग परिसर में सौर ऊर्जा आधारित ईवी चार्जिंग स्टेशन स्थापित किया गया है, जहां विभागीय वाहन स्वयं उत्पादित बिजली से चार्ज होंगे। राज्य में 129 स्थानों को ईवी चार्जिंग स्टेशन के लिए चिन्हित किया गया है, जिनमें से 30 पहले ही संचालित हो चुके हैं।इसके साथ ही सोलन के बनलगी और हमीरपुर के नादौन में पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग केंद्र संचालित हैं, जहां अब तक 1,692 पुराने वाहनों को वैज्ञानिक तरीके से स्क्रैप किया जा चुका है। सरकार का दावा है कि इन सुधारों से आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और परिवहन सेवाएं अधिक तेज, पारदर्शी और तकनीक-आधारित बनेंगी।