दैनिक खबरनामा। मोहाली, 7 जून 2026: पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने और सिंगल-यूज प्लास्टिक के उपयोग को कम करने के उद्देश्य से वेरका ने मोहाली में मोबाइल मिल्क वेंडिंग वैन सेवा शुरू की है। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी) के सहयोग से एटीएस कासा एस्पाना हाउसिंग सोसायटी में इस अभिनव पहल का शुभारंभ किया गया।
इस नई व्यवस्था के तहत उपभोक्ताओं को प्लास्टिक पाउच में पैक दूध खरीदने की आवश्यकता नहीं होगी। लोग अपने साथ बोतल, स्टील का बर्तन या अन्य पुनः उपयोग योग्य पात्र लाकर सीधे वेंडिंग वैन से ताजा वेरका दूध प्राप्त कर सकेंगे।
वेरका की इस पहल का एक बड़ा आकर्षण यह भी है कि वेंडिंग वैन से मिलने वाला दूध पैक दूध की तुलना में सस्ता होगा। जहां प्लास्टिक पाउच में उपलब्ध दूध की कीमत 66 रुपये प्रति लीटर है, वहीं वेंडिंग वैन से यही दूध 64 रुपये प्रति लीटर की दर से मिलेगा।
‘दूध वही, प्लास्टिक नहीं’ का संदेश
इस अभियान के माध्यम से लोगों को ‘दूध वही, प्लास्टिक नहीं’ का संदेश दिया जा रहा है। पीपीसीबी अधिकारियों के अनुसार, दूध हर घर की दैनिक आवश्यकता है और इसकी पैकेजिंग में प्लास्टिक के उपयोग को कम कर बड़े स्तर पर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।
मोबाइल वेंडिंग मशीन की क्षमता लगभग 300 लीटर है और इसे प्रतिदिन सोसायटी में संचालित किया जाएगा। अनुमान है कि मशीन के पूरी क्षमता से चलने पर एक ही सोसायटी में प्रतिदिन करीब 600 प्लास्टिक दूध पाउचों के उपयोग को रोका जा सकेगा। वहीं, यदि कोई परिवार प्रतिदिन दो लीटर दूध इस प्रणाली से खरीदता है, तो वह सालभर में लगभग चार किलोग्राम प्लास्टिक कचरे को कम करने में योगदान दे सकता है।
पूरे पंजाब में विस्तार की योजना
पीपीसीबी और वेरका का कहना है कि यदि यह पायलट प्रोजेक्ट सफल रहता है तो इसे मोहाली की अन्य हाउसिंग सोसायटियों के साथ-साथ पंजाब के विभिन्न शहरों और कस्बों तक विस्तारित किया जाएगा। भविष्य में अतिरिक्त मोबाइल वैन और स्थायी मिल्क वेंडिंग यूनिट्स स्थापित करने की भी योजना है।
अधिकारियों ने रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (आरडब्ल्यूए) और हाउसिंग सोसायटियों से इस पहल में सहयोग करने की अपील की है। इच्छुक सोसायटियां पीपीसीबी से संपर्क कर अपने क्षेत्र में भी इस सुविधा की शुरुआत करवा सकती हैं।
यह पहल न केवल उपभोक्ताओं को किफायती दर पर दूध उपलब्ध कराएगी, बल्कि प्लास्टिक प्रदूषण को कम करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।