दैनिक खबरनामा। शिमला, 13 जून: केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के हिमाचल दौरे और राज्य सरकार पर लगाए गए आरोपों पर प्रदेश सरकार के शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने तीखा पलटवार किया है। दोनों मंत्रियों ने भाजपा पर राजनीतिक बयानबाजी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को अस्थिर करने के लिए “अटैची राजनीति” का चलन भाजपा ने शुरू किया था, लेकिन जनता ने ऐसे प्रयासों को पूरी तरह नकार दिया।
शनिवार को शिमला में संयुक्त पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए मंत्रियों ने कहा कि पंचायत चुनावों को लेकर भाजपा भ्रामक आंकड़े पेश कर रही है और वास्तविक जनमत को तोड़-मरोड़कर प्रस्तुत किया जा रहा है।
राजेश धर्माणी ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू का राजनीतिक रिकॉर्ड रहा है कि वे जिस भी पद पर रहे, लंबे समय तक सफलतापूर्वक कार्य करते रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि सुक्खू अगले दस वर्षों तक प्रदेश के मुख्यमंत्री बने रहेंगे और यही बात भाजपा नेताओं को परेशान कर रही है।
नड्डा के दौरे से थीं बड़ी उम्मीदें, मिला सिर्फ राजनीतिक हमला
मंत्रियों ने कहा कि हिमाचल को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री के दौरे से विकास और सहायता संबंधी बड़ी घोषणाओं की उम्मीद थी, लेकिन पूरा दौरा केवल राजनीतिक टिप्पणियों तक सीमित रहा। उन्होंने कहा कि पूर्व में केंद्र की यूपीए सरकार के दौरान केंद्रीय मंत्री हिमाचल आते थे तो राज्य को महत्वपूर्ण परियोजनाओं और संस्थानों की सौगात देकर जाते थे।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने शिमला से ही आईआईटी और केंद्रीय विश्वविद्यालय जैसी महत्वपूर्ण संस्थाओं की घोषणा की थी। इसके अलावा यूपीए सरकार के दौरान प्रदेश को दो मेडिकल कॉलेज, टांडा मेडिकल कॉलेज में सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं तथा हमीरपुर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना जैसी उपलब्धियां मिली थीं।
केंद्र ने वित्तीय सहयोग नहीं दिया, नड्डा के आंकड़े भ्रामक: रोहित ठाकुर
शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर ने आरोप लगाया कि यदि केंद्रीय मंत्री प्रदेश सरकार के साथ वित्तीय चुनौतियों पर सार्थक संवाद करते और केंद्र से अतिरिक्त सहायता सुनिश्चित करवाते, तो हिमाचल को वास्तविक लाभ मिल सकता था। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने आरडीजी बंद कर दी, राज्य की ऋण सीमा में कटौती की और आपदा राहत के लिए प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1,500 करोड़ रुपये की सहायता राशि अब तक जारी नहीं हुई है।
रोहित ठाकुर ने नड्डा द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों को भ्रामक बताते हुए कहा कि भाजपा को चुनावी परिणामों पर टिप्पणी करने से पहले अपने राजनीतिक रिकॉर्ड पर भी नजर डालनी चाहिए। उन्होंने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के कार्यकाल में हुए उपचुनाव में भाजपा मंडी लोकसभा सीट तक हार गई थी।
बीबीएमबी और शानन परियोजना पर भी साधा निशाना
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि बीबीएमबी और शानन परियोजना जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र सरकार और नड्डा ने प्रदेश के हितों की रक्षा के लिए कोई प्रभावी पहल नहीं की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय मंत्री का पूरा दौरा केवल मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की आलोचना तक सीमित रहा।
भाजपा में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर खींचतान: मंत्री
दोनों मंत्रियों ने दावा किया कि भाजपा आंतरिक गुटबाजी से जूझ रही है। उनका कहना था कि पार्टी के अलग-अलग गुट मंडी, कांगड़ा और हमीरपुर से मुख्यमंत्री पद का चेहरा तलाश रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा पहले यह स्पष्ट करे कि उसका मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार कौन होगा। साथ ही उन्होंने टिप्पणी की कि “नड्डा के लिए शिमला अभी दूर है।”