चंडीगढ़ 30 दिसम्बर (जगदीश कुमार )चंडीगढ़ में साल 2025 के दौरान अपराध का स्वरूप तेजी से बदलता नजर आया है। पुलिस के वार्षिक आंकड़ों के अनुसार, जहां शहर में हत्या, लूट और डकैती जैसे कुछ गंभीर अपराधों में मामूली उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया, वहीं मोटर व्हीकल चोरी, साइबर ठगी और नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में साफ़ तौर पर बढ़ोतरी देखी गई है। यह बदलाव न केवल पुलिस के लिए चुनौती बना है, बल्कि आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है।पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 2025 में मोटर व्हीकल चोरी के मामलों में पिछले साल की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। खासतौर पर दोपहिया वाहनों की चोरी के मामले अधिक सामने आए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बढ़ती आबादी, पार्किंग की समस्या और लापरवाही से वाहन खड़े किए जाना इसकी बड़ी वजह है। कई मामलों में संगठित गिरोहों की संलिप्तता भी सामने आई है, जो चोरी किए गए वाहनों को दूसरे राज्यों में बेच देते हैं।
वहीं दूसरी ओर, साइबर अपराध ने भी चिंता बढ़ा दी है। ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड और सोशल मीडिया के जरिए धोखाधड़ी के मामलों में तेजी से इजाफा हुआ है। पुलिस के अनुसार, तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ अपराधियों ने भी नए-नए तरीके अपनाए हैं। कई पीड़ित ऐसे हैं जो शर्म या जानकारी के अभाव में शिकायत दर्ज नहीं कराते, जिससे वास्तविक आंकड़े इससे भी अधिक हो सकते हैं।
नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पुलिस ने 2025 के दौरान चरस, गांजा, अफीम और नशीली गोलियों की कई बड़ी खेप बरामद की हैं। युवा वर्ग में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को लेकर प्रशासन और सामाजिक संगठनों ने चिंता जताई है। पुलिस का कहना है कि नशा तस्करों के खिलाफ विशेष अभियान चलाए गए हैं, लेकिन मांग बढ़ने के कारण इस पर पूरी तरह काबू पाना अब भी चुनौती बना हुआ है।
हालांकि, राहत की बात यह रही कि हत्या और गंभीर हिंसक अपराधों की संख्या में कोई बड़ा उछाल नहीं देखा गया। पुलिस का दावा है कि गश्त बढ़ाने, सीसीटीवी नेटवर्क के विस्तार और त्वरित कार्रवाई के कारण ऐसे अपराधों पर काफी हद तक नियंत्रण रखा गया है।चंडीगढ़ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बदलते अपराध पैटर्न को ध्यान में रखते हुए रणनीति में बदलाव किया जा रहा है। साइबर सेल को मजबूत किया जा रहा है, तकनीकी प्रशिक्षण बढ़ाया जा रहा है और आम लोगों को जागरूक करने के लिए अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें और साइबर सुरक्षा से जुड़े दिशा-निर्देशों का पालन करें।कुल मिलाकर, साल 2025 में चंडीगढ़ का अपराध परिदृश्य यह संकेत देता है कि अपराध के तरीके बदल रहे हैं। ऐसे में पुलिस, प्रशासन और समाज—तीनों की साझा कोशिश ही शहर को सुरक्षित बनाए रखने में अहम भूमिका निभा सकती है।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

पंचकूला एक्सटेंशन-2 बना नया रियल एस्टेट हॉटस्पॉट, आधी कीमत पर मिल रहे प्लॉट

चंडीगढ़ 22 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़ और पंचकूला में प्रॉपर्टी की…
Share to :

गर्भावस्था में मामूली चोट भी बन सकती है जानलेवा, पीजीआई ने बचाई मां और नवजात की जान

चंडीगढ़ 12 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़ गर्भावस्था के दौरान छोटी-सी चोट…
Share to :

ट्राईसिटी के अस्पतालों में CBI की रेड: ECHS में 100 करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा

चंडीगढ़ 25 फरवरी 2026( जगदीश कुमार) चंडीगढ़ | ट्राईसिटी में केंद्र सरकार…
Share to :

SI भर्ती विवाद गलत शपथ-पत्र और उत्तर-कुंजी चुनौती पर हाईकोर्ट सख्त, याचिका खारिज

चंडीगढ़ 25 जनवरी 2026( जगदीश कुमार) चंडीगढ़। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने…
Share to :