दैनिक खबरनामाम। जम्मू, 16 जून : तवी नदी के हरि की पौड़ी घाट पर एक बार फिर दर्दनाक हादसा सामने आया है। दोस्तों के साथ नहाने गए 10वीं कक्षा के छात्र की नदी में डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान 16 वर्षीय युद्धवीर सिंह चिब, पुत्र यशपाल सिंह, निवासी कुंजवानी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि वह नहाने के दौरान मोबाइल से वीडियो बना रहा था, तभी संतुलन बिगड़ने से गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव की चपेट में आ गया।
जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब छह बजे युद्धवीर अपने दोस्तों के साथ बाग-ए-बाहु स्थित हरि की पौड़ी पहुंचा था। धार्मिक दिवस होने के कारण घाट पर काफी भीड़ थी। मुख्य घाट से कुछ दूरी पर जाकर सभी दोस्त नदी में नहाने लगे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युद्धवीर मोबाइल फोन से वीडियो बनाते हुए धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर बढ़ गया। अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह डूबने लगा।
दोस्तों ने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई, लेकिन कोई भी उसे बचाने के लिए नदी में नहीं उतर सका। सूचना मिलते ही बाग-ए-बाहु पुलिस और जम्मू-कश्मीर यूटी डिजास्टर रिस्पांड फोर्स (JKUTDRF) की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय युवकों और गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू किया गया।
12 घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन
करीब 12 घंटे तक चले सघन रेस्क्यू अभियान के बाद शाम लगभग छह बजे युद्धवीर का शव नदी से बरामद कर लिया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जीएमसी अस्पताल भेज दिया गया।
परिजनों के अनुसार, युद्धवीर सोमवार सुबह करीब साढ़े चार बजे तीन दोस्तों के साथ साइकिल पर घर से निकला था। उसने परिवार को बताया था कि वे सैनिक कॉलोनी की ओर जा रहे हैं, लेकिन बाद में वे हरि की पौड़ी पहुंच गए। युद्धवीर के पिता भारतीय सेना में कार्यरत हैं और वर्तमान में ऊधमपुर में तैनात हैं।
तवी नदी में बढ़ रहे हादसे, सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
तवी नदी में डूबने की लगातार बढ़ती घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं। बीते शुक्रवार को भी हरि की पौड़ी में नहाने आए एक किशोर की डूबने से मौत हो गई थी। हर वर्ष गर्मियों और धार्मिक अवसरों पर नदी में नहाने के दौरान कई लोग हादसों का शिकार होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि खतरनाक स्थानों पर पर्याप्त चेतावनी बोर्ड और सुरक्षा इंतजाम नहीं होने से जोखिम बढ़ रहा है।
नदी में नहाते समय बरतें सावधानी
विशेषज्ञों के अनुसार, नदी में स्नान करते समय पानी की गहराई और बहाव का सही अनुमान लगाना बेहद जरूरी है। बच्चों को बिना निगरानी के नदी के पास न जाने दें। मोबाइल से वीडियो बनाने, सेल्फी लेने या स्टंट करने से बचें, क्योंकि एक क्षण की लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। केवल निर्धारित और सुरक्षित घाटों पर ही स्नान करें तथा चेतावनी वाले क्षेत्रों से दूर रहें। किसी व्यक्ति के डूबने की स्थिति में स्वयं पानी में कूदने के बजाय तुरंत पुलिस, आपदा राहत दल या प्रशिक्षित गोताखोरों को सूचना दें।
जागरूकता, सतर्कता और सुरक्षा नियमों का पालन ही ऐसे हादसों को रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।