दैनिक खबरनामा| चंडीगढ़, 16 जून 2026. पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित वीडियो को पूरी तरह फर्जी बताते हुए कहा है कि उनकी छवि को धूमिल करने के लिए सुनियोजित राजनीतिक साजिश रची जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अभियान कुछ राजनीतिक हितों से प्रेरित लोगों द्वारा चलाया जा रहा है, जिनका उद्देश्य पंजाब सरकार के जनहितैषी फैसलों को बाधित करना है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति वह नहीं हैं और इस संबंध में वह पहले ही श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार के समक्ष अपना पक्ष रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की शारीरिक बनावट और व्यक्तित्व उनसे मेल नहीं खाते, बावजूद इसके उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए भ्रामक प्रचार किया जा रहा है।
भगवंत मान ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब उनके लिए सर्वोच्च धार्मिक और सांसारिक संस्था है, जिसके प्रति वह हमेशा गहरी श्रद्धा और सम्मान रखते हैं। उन्होंने कहा कि वह कभी भी इसकी गरिमा और अधिकार को चुनौती देने की कल्पना भी नहीं कर सकते।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार पंजाब के पानी, जवानी, किसानी और बाणी की रक्षा के लिए लगातार महत्वपूर्ण निर्णय ले रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों को ये फैसले रास नहीं आ रहे, इसलिए उनके खिलाफ दुष्प्रचार का सहारा लिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा हाल ही में लाए गए सख्त बेअदबी विरोधी कानून को जनता का व्यापक समर्थन मिला है, लेकिन कुछ राजनीतिक ताकतें इससे असहज महसूस कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग पहले बेअदबी के खिलाफ कड़े कानून की मांग कर रहे थे, वही अब इसके लागू होने पर सवाल उठा रहे हैं।
भगवंत मान ने धार्मिक मामलों को राजनीतिक हितों के लिए इस्तेमाल किए जाने पर चिंता जताते हुए कहा कि धर्म का दुरुपयोग कर किसी व्यक्ति को निशाना बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने संगत से अपील की कि वे झूठे और भ्रामक प्रचार से प्रभावित न हों तथा तथ्यों के आधार पर निर्णय लें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब और पंजाबियत उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं तथा राज्य और उसके लोगों की भलाई के लिए वह निरंतर कार्य करते रहेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि अंतिम फैसला हमेशा जनता और संगत का ही होगा।
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि जब तक उन्हें पंजाब की सेवा का अवसर मिला है, वह राज्य के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए निर्भीक होकर फैसले लेते रहेंगे।