हरियाणा 31 दिसम्बर (जगदीश कुमार)सिविल सेवा (HCS) मुख्य परीक्षा को लेकर राज्य सरकार ने बड़ा बदलाव किया है। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में संशोधित नियमों पर मुहर लगने के बाद मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सोमवार को इसकी अधिसूचना जारी कर दी। नए नियमों के तहत अब मुख्य लिखित परीक्षा में छह प्रश्नपत्र होंगे, जो कुल 600 अंकों के रहेंगे। पहले यह परीक्षा चार प्रश्नपत्रों की हुआ करती थी, जिसे अब विस्तारित कर दिया गया है।
अधिसूचना के अनुसार, अंग्रेजी और हिंदी भाषा के प्रश्नपत्र अलग-अलग होंगे और प्रत्येक 100-100 अंकों का होगा। इसके अलावा सामान्य अध्ययन के चार प्रश्नपत्र होंगे, जिनमें सामान्य अध्ययन-1, 2, 3 और 4 शामिल हैं। ये सभी प्रश्नपत्र भी 100-100 अंकों के होंगे। परीक्षा के सभी प्रश्नपत्र परंपरागत (निबंधात्मक) स्वरूप में आयोजित किए जाएंगे।हिंदी और अंग्रेजी दोनों में होंगे प्रश्नपत्र
नए नियमों के तहत प्रश्नपत्र एक अंग्रेजी भाषा का होगा, जिसमें अंग्रेजी निबंध शामिल रहेगा। प्रश्नपत्र दो हिंदी भाषा का होगा, जिसमें हिंदी निबंध रहेगा। प्रश्नपत्र तीन सामान्य अध्ययन-वन, प्रश्नपत्र चार सामान्य अध्ययन-टू, प्रश्नपत्र पांच सामान्य अध्ययन-तीन और प्रश्नपत्र छह सामान्य अध्ययन-चार का होगा। आयोग द्वारा प्रश्नपत्र हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में तैयार किए जाएंगे।भूतपूर्व सैनिकों के लिए सख्तीसंशोधित नियमों के अनुसार, भूतपूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को मुख्य लिखित परीक्षा के सभी प्रश्नपत्रों में बैठना अनिवार्य होगा। साथ ही, मुख्य परीक्षा में सम्मिलित किए जाने वाले उम्मीदवारों की संख्या, समान अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को शामिल करते हुए, विज्ञापित रिक्तियों की संख्या से 12 गुना होगी। वहीं, पर्सनालिटी टेस्ट (व्यक्तित्व परीक्षा) के लिए बुलाए जाने वाले उम्मीदवारों की संख्या विज्ञापित रिक्तियों के तीन गुना तक सीमित रहेगी।पर्सनालिटी टेस्ट के लिए न्यूनतम अंक तयकिसी भी उम्मीदवार को व्यक्तित्व/मौखिक परीक्षा के लिए तभी बुलाया जाएगा, जब वह सभी लिखित प्रश्नपत्रों के कुल योग में कम से कम 45 प्रतिशत अंक प्राप्त करेगा। इसके साथ ही हिंदी और अंग्रेजी भाषा के प्रत्येक प्रश्नपत्र में न्यूनतम 33 प्रतिशत अंक लाना अनिवार्य होगा। हालांकि, यदि बेंचमार्क दिव्यांगता वाले उम्मीदवार पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं होते हैं, तो हरियाणा राज्य लोक सेवा आयोग इस न्यूनतम सीमा को घटाकर 35 प्रतिशत तक कर सकता है।अंतिम चयन 675 अंकों के आधार परअंतिम चयन प्रक्रिया में उम्मीदवारों द्वारा दिए गए सेवा अधिमान (Service Preference) को ध्यान में रखा जाएगा। चयन सूची मुख्य लिखित परीक्षा और व्यक्तित्व/मौखिक परीक्षा को मिलाकर कुल 675 अंकों में से प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाएगी। नई व्यवस्था को लेकर अभ्यर्थियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है, वहीं आयोग का मानना है कि इससे चयन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण होगी।