दैनिक खबरनामा । जम्मू, 20 जून: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत देशभर में लगभग 2,400 करोड़ रुपये के रोजगार प्रोत्साहन वितरित किए। इस पहल से 15 लाख से अधिक लाभार्थियों को सीधा फायदा मिला। वहीं, जम्मू-कश्मीर में भी हजारों युवाओं और नियोक्ताओं को औपचारिक रोजगार व्यवस्था से जोड़ते हुए 25.42 करोड़ रुपये का वित्तीय लाभ प्रदान किया गया।
प्रदेश में इस कार्यक्रम का आयोजन एवं सीधा प्रसारण जम्मू, सांबा सहित चार स्थानों पर किया गया। जम्मू के कन्वेंशन सेंटर में सांसद जुगल किशोर शर्मा और सत शर्मा की उपस्थिति में करीब 600 लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया। इस दौरान 20 नव-नियुक्त कर्मचारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए, जबकि सांबा में छह युवाओं को रोजगार पत्र सौंपे गए।
वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह केवल वित्तीय सहायता वितरण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि जम्मू-कश्मीर के विकास और परिवर्तन की यात्रा का उत्सव है। उन्होंने कहा कि यह योजना युवाओं के सपनों, उम्मीदों और अवसरों को नई दिशा देने का कार्य कर रही है।
उपराज्यपाल ने कहा कि अगस्त 2019 से पहले जम्मू-कश्मीर के श्रमिकों को पूर्ण सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिल पाता था, लेकिन नवंबर 2019 में ईपीएफओ व्यवस्था लागू होने के बाद लाखों श्रमिक राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा ढांचे से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना ऐसे भारत की परिकल्पना करती है, जहां औपचारिक रोजगार सामान्य व्यवस्था बने, सामाजिक सुरक्षा प्रत्येक नागरिक तक पहुंचे और हर युवा को अपने सपनों को साकार करने का अवसर मिले।
दो स्तंभों पर आधारित है योजना
पीएम-वीबीआरवाई योजना दो प्रमुख स्तंभों पर आधारित है। पहला, पहली बार औपचारिक रोजगार क्षेत्र में प्रवेश करने वाले युवाओं को प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता प्रदान करना, ताकि वे संगठित क्षेत्र में लंबे समय तक जुड़े रहें। दूसरा, नियोक्ताओं और उद्योगों को नए रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना, जिससे कार्यबल का विस्तार हो और रोजगार के अवसर बढ़ें।
उपराज्यपाल ने कहा कि उद्योगों के विस्तार से रोजगार बढ़ता है और समाज की समग्र प्रगति होती है। अनुमान है कि इस योजना के माध्यम से अगले दो वर्षों में देशभर में 3.5 करोड़ से अधिक रोजगार अवसरों को बढ़ावा मिलेगा।
जम्मू-कश्मीर में 53 हजार से अधिक लोगों पर असर
जम्मू-कश्मीर में इस योजना के तहत अब तक 3,300 से अधिक प्रतिष्ठान पंजीकृत हो चुके हैं। इनके माध्यम से 22,500 से अधिक युवा पहली बार औपचारिक रोजगार प्रणाली से जुड़े हैं, जबकि 31,000 से अधिक रोजगार अवसर प्रोत्साहन के लिए पात्र बने हैं। इससे प्रदेश के 53,000 से अधिक नागरिकों के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।
कर्मचारियों को 74 लाख, नियोक्ताओं को 25.42 करोड़
योजना के अंतर्गत जम्मू-कश्मीर में 1,522 कर्मचारियों को कुल 74 लाख रुपये का प्रत्यक्ष लाभ प्रदान किया गया है। इसके अतिरिक्त 304 नियोक्ताओं के बैंक खातों में लगभग 25.42 करोड़ रुपये स्थानांतरित किए गए हैं। इसे प्रदेश में औपचारिक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
क्या है प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना?
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना केंद्र सरकार की प्रमुख रोजगार-आधारित प्रोत्साहन (Employment Linked Incentive) योजना है। इसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार को बढ़ावा देना, पहली बार नौकरी करने वाले युवाओं को सहायता प्रदान करना तथा नियोक्ताओं को अधिक रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित करना है।
योजना के तहत पात्र प्रथम-नियुक्त कर्मचारी को एक महीने के वेतन के बराबर, अधिकतम 15,000 रुपये तक की सहायता दी जाती है। वहीं, नियोक्ताओं को नए रोजगार सृजन के लिए दो वर्षों तक प्रोत्साहन मिलता है। विनिर्माण क्षेत्र के नियोक्ताओं को अतिरिक्त दो वर्षों तक सहायता प्रदान की जाती है, जिससे श्रम-प्रधान उद्योगों में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिले।
युवाओं के नाम प्रधानमंत्री का संदेश
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि यह केवल रोजगार उपलब्ध कराने की योजना नहीं, बल्कि युवाओं को सशक्त बनाने और उद्योगों तथा कार्यबल के बीच मजबूत सेतु स्थापित करने की राष्ट्रीय पहल है। उन्होंने कहा कि भारतीय युवाओं की प्रतिभा को वैश्विक स्तर पर पहचान मिल रही है और सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हर युवा को अपनी क्षमता को सफलता में बदलने का अवसर प्राप्त हो।