दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 6 अगस्त 2026. पंजाब सरकार ने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत यह स्पष्ट किया है कि राज्य का कोई भी पात्र परिवार राशन सुविधा से वंचित नहीं रहेगा। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री लाल चंद कटारूचक्क ने विधानसभा में कहा कि सरकार जरूरतमंद परिवारों तक समयबद्ध और पारदर्शी ढंग से खाद्यान्न पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है।
मंत्री ने बताया कि प्राथमिक परिवार योजना और अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को नियमित रूप से गेहूं उपलब्ध कराया जा रहा है। जिन परिवारों के पास अभी तक राशन कार्ड नहीं हैं, वे 11 अगस्त 2026 तक नए राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए ऑनलाइन सुविधा के साथ-साथ संबंधित कार्यालयों में जाकर ऑफलाइन आवेदन की व्यवस्था भी उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की जानकारी या समस्या के समाधान के लिए आवेदक अपने जिले के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं, ताकि किसी भी पात्र परिवार को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े।
लाल चंद कटारूचक्क ने बताया कि राज्यभर में 14 हजार से अधिक राशन डिपो आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक वितरण मशीनों से लैस किए जा चुके हैं। इन मशीनों के माध्यम से राशन वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनी है, जिससे लाभार्थियों को समय पर और सही मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल ही में राज्य में 2,800 नए राशन डिपो आवंटित किए गए हैं, जिससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाया गया है।
मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की जनकल्याणकारी ‘मेरी रसोई’ योजना के तहत राशन डिपो पर गेहूं के साथ जरूरतमंद परिवारों को राशन किट भी उपलब्ध कराई जा रही है। प्रत्येक किट में दो किलोग्राम दाल, दो किलोग्राम चीनी, एक किलोग्राम नमक, दो सौ ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल शामिल है, ताकि गरीब परिवारों को आवश्यक खाद्य सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सके।
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल खाद्यान्न उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि जरूरतमंद परिवारों की रसोई को भी मजबूत करना है, ताकि राज्य का कोई भी पात्र नागरिक खाद्य सुरक्षा से वंचित न रहे।