दैनिक खबरनामा । श्रीनगर, 24 जून : दक्षिण कश्मीर के सेब उत्पादक क्षेत्रों में फलों के असामयिक झड़ने की घटनाओं ने बागवानों की चिंताओं को बढ़ा दिया है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जम्मू-कश्मीर सरकार ने इसके कारणों की वैज्ञानिक जांच कराने का फैसला किया है। कृषि उत्पादन एवं ग्रामीण विकास मंत्री जावेद अहमद डार ने अधिकारियों के साथ बैठक कर प्रभावित इलाकों की स्थिति की समीक्षा की और विस्तृत जांच के लिए विशेषज्ञ समिति गठित करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान शोपियां और अनंतनाग सहित विभिन्न बागवानी क्षेत्रों में फलों के समय से पहले गिरने से हुए नुकसान पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक सर्वेक्षण कर नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाए और जल्द से जल्द विस्तृत रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाए।
मंत्री ने कहा कि यह समस्या केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित नहीं मानी जानी चाहिए, बल्कि सभी प्रमुख सेब उत्पादक जिलों में इसकी स्थिति का अध्ययन किया जाना आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों से संवेदनशील सेब किस्मों और अधिक प्रभावित क्षेत्रों की पहचान करने को कहा, ताकि भविष्य में नुकसान को कम करने के लिए प्रभावी उपाय तैयार किए जा सकें।
बैठक में कृषि एवं बागवानी से जुड़े उत्पादों की गुणवत्ता पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने संबंधित विभागों को बाजार में बिक रहे कीटनाशकों और पौध संरक्षण रसायनों की निगरानी बढ़ाने तथा अनधिकृत या निम्न गुणवत्ता वाले उत्पादों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
फलों के झड़ने के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए बागवानी निदेशक कश्मीर की अगुवाई में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति विभिन्न पहलुओं की जांच कर अपनी रिपोर्ट निर्धारित समय के भीतर सरकार को सौंपेगी।
इसके अलावा किसानों को वैज्ञानिक बाग प्रबंधन, पौध पोषण और फसल संरक्षण से जुड़ी आधुनिक तकनीकों के प्रति जागरूक बनाने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि बागवानों तक विशेषज्ञ सलाह और तकनीकी सहायता प्रभावी ढंग से पहुंचाई जाए, ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचाव संभव हो सके।
बैठक में कृषि, बागवानी और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अन्य हितधारकों ने भी भाग लिया और स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कदमों पर चर्चा की।