दैनिक खबरनामा। शिमला, 7 अगस्त: हिमाचल प्रदेश में मानसून लगातार कहर बरपा रहा है। बीते 24 घंटे की तेज बारिश ने पहाड़ी राज्य के कई जिलों में जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है।
मौसम विभाग शिमला के आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा पानी धर्मशाला में गिरा, जहां 79 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके बाद जोगिंदरनगर में 76 मिमी, मंडी में 63.4 मिमी और शिमला में 54.6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। लगातार गिर रहे पानी से पहाड़ों में भूस्खलन और जलभराव की स्थिति बन गई है।
सड़क और बिजली व्यवस्था पर असर
7 अगस्त सुबह 10 बजे तक मिली जानकारी के अनुसार पूरे प्रदेश में 145 सड़कें वाहनों की आवाजाही के लिए बंद हैं। सबसे ज्यादा नुकसान मंडी जिले में हुआ है, यहां 66 मार्ग अवरुद्ध हैं। कुल्लू में 31 और सिरमौर में 28 सड़कें बंद होने से आवागमन बुरी तरह प्रभावित है।
बारिश और मलबा आने से बिजली व्यवस्था भी चरमरा गई है। राज्य में 224 ट्रांसफार्मर काम नहीं कर रहे हैं। इनमें अकेले मंडी जिले के 182 ट्रांसफार्मर शामिल हैं। इसके चलते कई इलाकों में बिजली गुल है। साथ ही 14 पेयजल योजनाएं भी बाधित हो गई हैं, जिससे कुछ क्षेत्रों में पानी की किल्लत शुरू हो गई है।
आगे के 48 घंटे चुनौतीपूर्ण
मौसम केंद्र शिमला ने अगले कुछ दिनों के लिए राहत के संकेत नहीं दिए हैं। विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 10 और 11 अगस्त को प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में “अत्यधिक भारी बारिश” की संभावना है। इसके लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों के किनारे न जाएं और जब तक जरूरी न हो यात्रा टालें। पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन का खतरा बना हुआ है, इसलिए सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।