दैनिक खबरनामा। बिलासपुर 3 जून : हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा सीमावर्ती क्षेत्रों में लगाए गए प्रवेश शुल्क (एंट्री टैक्स) के विरोध में चल रहा विवाद अब नया मोड़ लेता दिखाई दे रहा है। लंबे समय से जारी विरोध प्रदर्शन के बीच बुधवार को निहंग सिख संगठनों ने पंजाब की सीमा पर एक समानांतर ‘खालसा एंट्री टैक्स नाका’ स्थापित कर दिया।
जानकारी के अनुसार, शिरोमणि जरनैल साहिबजादा बाबा जुझार सिंह निहंग सिंह खालसा दल की ओर से गरामोड़ा क्षेत्र में पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत यह नाका लगाया गया। आरोप है कि इस दौरान हिमाचल प्रदेश नंबर वाली गाड़ियों को रोककर उनसे धनराशि भी एकत्र की गई।
निहंग संगठनों ने पहले ही घोषणा की थी कि वे हिमाचल से पंजाब में प्रवेश करने वाले वाहनों से ‘खालसा टैक्स’ वसूलेंगे। बुधवार सुबह गरामोड़ा टोल प्लाजा के निकट निहंग जत्थेबंदियों के सदस्यों ने वाहनों को रोकना शुरू किया। हालांकि मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, किसी भी वाहन चालक पर भुगतान के लिए दबाव नहीं बनाया गया और विरोध करने वालों को बिना किसी विवाद के आगे जाने दिया गया।
निहंग संगठन तरना दल के प्रतिनिधि बाबा अच्छर सिंह ने कहा कि एकत्र की जाने वाली राशि का उपयोग सामाजिक और जनकल्याण कार्यों में किया जाएगा। उनका कहना है कि यह कदम हिमाचल सरकार का ध्यान प्रवेश शुल्क के मुद्दे की ओर आकर्षित करने के लिए उठाया गया है।
उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक हिमाचल प्रदेश सरकार प्रवेश शुल्क की व्यवस्था को वापस नहीं लेती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, विभिन्न जत्थेबंदियों ने भी संकेत दिए हैं कि यदि इस मामले में जल्द कोई समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जा सकता है।
उधर, सीमा क्षेत्र में लगाए गए इस नाके और वाहनों की जांच के कारण स्थानीय लोगों तथा यात्रियों में चिंता का माहौल देखा जा रहा है। प्रशासन की ओर से फिलहाल इस घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।