चंडीगढ़ 19 जनवरी (जगदीश कुमार)चंडीगढ़ में प्रॉपर्टी कारोबार को पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक अहम पहल के तहत प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स एसोसिएशन (रजि.) के प्रतिनिधिमंडल ने आज उपायुक्त (डीसी) चंडीगढ़ से मुलाकात की। एसोसिएशन पिछले 45 वर्षों से एक पंजीकृत संस्था के रूप में कार्यरत है।मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने एस्टेट ऑफिस से संबंधित प्रॉपर्टी लेन-देन में आ रही प्रमुख समस्याओं और उनके समाधान को लेकर विस्तार से चर्चा की। एसोसिएशन ने डीसी को बताया कि वह लंबे समय से प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स के हितों की रक्षा और उपभोक्ताओं को सुरक्षित लेन-देन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य कर रही है।प्रतिनिधिमंडल ने रेरा की तर्ज पर प्रॉपर्टी डीलरों के लिए लाइसेंस आधारित पंजीकरण प्रणाली लागू करने का प्रस्ताव रखा, जिसका उपायुक्त ने स्वागत किया। इसके साथ ही ऑनलाइन सिस्टम के कारण लंबित पड़ी प्रॉपर्टी म्यूटेशन की समस्याओं, परिवार के भीतर GPA/SPA के माध्यम से की गई बिक्री पर 3 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी माफ करने, बिल्डिंग प्लान की मंजूरी में लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे, GPA के तहत लंबे समय से अटके प्रॉपर्टी ट्रांसफर तथा धोखाधड़ी रोकने के उद्देश्य से एनओसी के अभाव में नॉन-एन्कम्ब्रेंस सर्टिफिकेट शुरू करने का सुझाव भी दिया गया।उपायुक्त चंडीगढ़ ने सभी मुद्दों को गंभीरता और धैर्यपूर्वक सुना। उन्होंने प्रॉपर्टी डीलरों के लाइसेंस आधारित पंजीकरण के प्रस्ताव पर संतोष व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि अन्य मांगों और सुझावों पर भी प्रशासनिक स्तर पर विचार कर उचित कार्रवाई की जाएगी।प्रतिनिधिमंडल में एसोसिएशन के प्रधान विक्रम चोपड़ा, चेयरमैन तरलोचन सिंह बिट्टू, संजीव कुमार, जतिंदर सिंह दादरा, गौरव कंसल, अनिल खिंदरिया और राकेश वाधवान शामिल थे।