चंडीगढ़ 22 जनवरी (जगदीश कुमार )चंडीगढ़।2027 विधानसभा चुनाव से पहले ही पंजाब कांग्रेस में अंदरूनी खींचतान खुलकर सामने आने लगी है। पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी द्वारा पार्टी में अनुसूचित जाति वर्ग की अनदेखी को लेकर दिए गए बयान के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले चुनाव में नेतृत्व और टिकट वितरण की भूमिका को देखते हुए यह पद बेहद अहम बन गया है।
चन्नी के वायरल वीडियो के बाद कांग्रेस संगठन में हलचल मच गई है। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, संगठन महामंत्री और एनएसयूआई के प्रधान जैसे प्रमुख पदों पर उच्च जातियों को तरजीह देने पर सवाल उठाए हैं। इससे पार्टी के भीतर जातीय संतुलन और नेतृत्व चयन को लेकर बहस छिड़ गई है।दरअसल, कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर हर चुनाव से पहले घमासान देखने को मिलता रहा है। पिछले ढाई दशकों का इतिहास बताता है कि चुनावी साल में यह पद सियासी शक्ति का केंद्र बन जाता है। विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी कई बार इस पर सार्वजनिक रूप से टिप्पणी कर चुके हैं।2027 का चेहरा बनने की होड़ तेज पंजाब कांग्रेस में 2027 का मुख्यमंत्री चेहरा बनने की दौड़ में मुख्य रूप से प्रताप सिंह बाजवा, चरणजीत सिंह चन्नी, अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और सुखजिंदर सिंह रंधावा शामिल हैं। सभी नेता संगठन पर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश में जुटे हुए हैं।प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने आगामी चुनाव में 70 से 80 नए चेहरों को मैदान में उतारने की बात कहकर सियासी समीकरण और जटिल बना दिए हैं। वहीं, प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस 2022 की गलती नहीं दोहराएगी और इस बार मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित किए बिना चुनाव लड़ा जाएगा।
प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी बनी सबसे अहमराजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि चुनाव राजा वड़िंग के नेतृत्व में लड़ा गया, तो टिकट वितरण में उनकी मजबूत भूमिका उन्हें मुख्यमंत्री पद की दौड़ में आगे ले जा सकती है। इससे पहले 2002 और 2017 में कांग्रेस ने कैप्टन अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में चुनाव लड़ा था और दोनों ही बार वह मुख्यमंत्री बने थे।अंदरूनी कलह से बढ़ी कांग्रेस की मुश्किलें चन्नी के बयान के बाद पार्टी में पैदा हुए विवाद ने कांग्रेस की अंदरूनी एकता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। चुनाव से पहले इस तरह की खींचतान से विपक्ष को राजनीतिक फायदा मिलने की आशंका भी जताई जा रही है।

Share to :
Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You May Also Like

चंडीगढ़ प्रशासन में ‘संवेदनशील’ पदों पर लंबे समय से जमे अधिकारी, संसद में उठा मुद्दा

चंडीगढ़ 12 मार्च 2026 ( दैनिक खबरनामा ) Chandigarh प्रशासन और नगर…
Share to :

होली पर चंडीगढ़ में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, हुड़दंग करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

चंडीगढ़ 4 मार्च 2026( दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़ में होली के त्योहार…
Share to :

पंजाब में ‘मेरी रसोई’ स्कीम का आगाज, 40 लाख परिवारों को मिलेगी फूड किट

चंडीगढ़ 23 फ़रवरी 2026(दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़ में भगवंत मान ने पंजाब…
Share to :

मजीठिया पर दर्ज केस राजनीतिक बदले की भावना से लगाए गए, सच जल्द आएगा सामने सिकंदर सिंह मलूका

चंडीगढ़ 3 फरवरी 2026 (जगदीश कुमार) चंडीगढ़ शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ…
Share to :