चंडीगढ़ 29 जनवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़
हरियाणा सरकार ने आम नागरिकों को न्यायिक प्रक्रिया में राहत देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘हरियाणा जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम, 2025’ को मंजूरी देने के साथ ही लागू कर दिया है। इस कानून के तहत अब छोटे-मोटे अपराधों में लोगों को अदालतों के चक्कर नहीं काटने होंगे और केवल जुर्माना अदा कर कानूनी कार्रवाई से राहत मिल सकेगी।राज्य सरकार ने इस संशोधित अधिनियम के तहत 17 विभागों से जुड़े 42 राज्य अधिनियमों के 164 प्रावधानों को अपराध की श्रेणी से बाहर कर दिया है। सरकार के अनुसार यह कानून 30 अक्टूबर 2025 से प्रभावी माना जाएगा।अधिनियम में यह भी प्रावधान किया गया है कि कानून लागू होने की तिथि से प्रत्येक तीन वर्ष के अंतराल पर न्यूनतम जुर्माने की राशि में 10 प्रतिशत की वृद्धि की जाएगी। यदि कोई व्यक्ति निर्धारित समय में जुर्माना जमा नहीं करता है, तो यह राशि भू-राजस्व की तरह वसूली जाएगी।
संशोधित कानून में अपील का अधिकार भी शामिल किया गया है, जिससे नागरिक सक्षम प्राधिकारी के निर्णय के खिलाफ अपील कर सकेंगे। साथ ही यह स्पष्ट किया गया है कि किसी भी उल्लंघन की स्थिति में सुनवाई के बिना कोई दंड नहीं लगाया जाएगा।राज्य सरकार द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार,बिना सूचना ड्यूटी से अनुपस्थित रहने वाले सफाई कर्मचारी पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।
पानी की पाइपलाइन तोड़ने या जल स्रोत को प्रदूषित करने पर 500 रुपये का जुर्माना निर्धारित किया गया है।
यदि सूअर या अन्य पशुओं से जनस्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न होता है और इसे रोकने के लिए जारी आदेशों की अवहेलना की जाती है, तो पहली बार 500 रुपये और दोबारा उल्लंघन पर 1,000 रुपये का जुर्माना लगेगा।किसी आरोपी को मिलीभगत कर भगाने का प्रयास करने पर 50,000 रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।सरकार का कहना है कि इस कानून का उद्देश्य व्यापार, प्रशासन और नागरिकों के बीच विश्वास बढ़ाना, न्यायिक व्यवस्था पर बोझ कम करना और छोटे मामलों का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है।