दैनिक खबरनामा 5 मार्च 2026 चंडीगढ़ प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी (पाइप्ड नेचुरल गैस) की सुविधा उपलब्ध है, वहां रहने वाले लोगों को तीन माह के भीतर कनेक्शन लेना अनिवार्य होगा। तय समय में कनेक्शन न लेने पर एलपीजी सिलिंडर की आपूर्ति बंद की जा सकती है।पहले से ही रसोई गैस की कमी और देरी से परेशान उपभोक्ताओं की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। गैस कंपनियों द्वारा डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (डीएसी) को अनिवार्य किए जाने के बाद स्थिति और जटिल हो गई है। अब केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को सिलिंडर मिल रहा है, जो अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए कोड को डिलीवरी बॉय को बताते हैं।शहर की विभिन्न गैस एजेंसियों पर पिछले कई दिनों से भारी भीड़ देखी जा रही है। राम दरबार, बुड़ैल (सेक्टर-45) और मलोया जैसे इलाकों में लोग सुबह से ही कतारों में खड़े हो रहे हैं, लेकिन कई उपभोक्ताओं को शाम तक खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि सबसे बड़ी समस्या डीएसी और ई-केवाईसी प्रक्रिया को लेकर आ रही है। कई मामलों में मोबाइल पर कोड मिलने और भुगतान करने के बावजूद एजेंसी के रिकॉर्ड में डाटा अपडेट न होने से रिफिल नहीं मिल पा रहा है। वहीं, जिन उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी अधूरी है, उनकी बुकिंग अपने आप होल्ड पर चली जा रही है।इस बीच प्रशासन ने इंडियन ऑयल अडानी गैस प्राइवेट लिमिटेड को शहर में पाइपलाइन विस्तार तेज करने के निर्देश दिए हैं, ताकि अधिक से अधिक क्षेत्रों में पीएनजी सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।