दैनिक खबरनामा | चंडीगढ़, 26 जून 2026. पंजाब में भूजल संरक्षण की दिशा में किसानों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। राज्य में इस खरीफ सीजन के दौरान 26,896 किसानों ने 3.41 लाख एकड़ भूमि पर धान की सीधी बुवाई (डीएसआर) तकनीक अपनाई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस तकनीक के तहत रकबे में 16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार जल संरक्षण और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के लिए डीएसआर तकनीक को लगातार प्रोत्साहित कर रही है। किसानों को इस तकनीक के लिए 1,500 रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में डीबीटी के माध्यम से दी जा रही है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के लिए डीएसआर योजना का बजट बढ़ाकर 40 करोड़ रुपये कर दिया गया है, जबकि पिछले वर्ष इस योजना के तहत 35.16 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की गई थी।
कृषि मंत्री ने बताया कि डीएसआर योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान 30 जून 2026 तक agrimachinerypb.com पर ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी धान की बुवाई जारी है, वहां आने वाले दिनों में डीएसआर के तहत रकबा और बढ़ने की उम्मीद है। इसके लिए विभागीय अधिकारियों को किसानों के पंजीकरण और बैंक खातों के सत्यापन में सहायता देने हेतु विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि डीएसआर तकनीक अपनाने से खेतों में नर्सरी तैयार करने और रोपाई की आवश्यकता नहीं रहती, जिससे 15 से 20 प्रतिशत तक सिंचाई के पानी की बचत होती है। इसके साथ ही मजदूरी पर होने वाला खर्च भी काफी कम हो जाता है, जिससे किसानों की उत्पादन लागत घटती है और खेती अधिक लाभकारी बनती है।
उन्होंने किसानों से अपील की कि जो किसान अभी तक इस योजना में पंजीकरण नहीं करा पाए हैं, वे अंतिम तिथि से पहले आवेदन कर सरकारी सहायता का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि धान की सीधी बुवाई केवल किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम नहीं, बल्कि पंजाब के गिरते भूजल स्तर को बचाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है।