चंडीगढ़ 19 फरवरी 2026(दैनिक खबरनामा )चंडीगढ़ बना भारत में साल 2024-25 के दौरान 40 करोड़ से ज्यादा इंडियन मेड फॉरेन लिकर (IMFL) के केस बिके, जिससे देश दुनिया के सबसे बड़े और तेजी से बढ़ते शराब बाजारों में शामिल हो गया। लेकिन इस भीड़भाड़ वाले राष्ट्रीय आंकड़े में चंडीगढ़ ने एक अलग ही तस्वीर पेश की है।हालांकि सिर्फ 12.5 लाख आबादी वाले इस केंद्र शासित प्रदेश का देश में कुल बिक्री के आधार पर 22वां स्थान है, लेकिन जब बिक्री को आबादी के अनुपात में देखा गया तो चंडीगढ़ देश के सबसे ज्यादा शराब-खपत वाले इलाकों में शामिल हो गया। प्रति व्यक्ति खपत के मामले में चंडीगढ़ ने राष्ट्रीय औसत को कई गुना पीछे छोड़ते हुए दक्षिण भारत के पारंपरिक रूप से अधिक खपत वाले राज्यों को भी पीछे कर दिया है।यह खुलासा चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों और कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन अल्कोहलिक बेवरेज कंपनियों (CIABC) द्वारा संकलित रिपोर्ट से हुआ है, जो देश के शराब उद्योग की शीर्ष संस्था मानी जाती है।
रिपोर्ट के मुताबिक चंडीगढ़ एक कॉम्पैक्ट, शहरी और समृद्ध इलाका है, जहां लोगों की खर्च करने की क्षमता अधिक है। इसके साथ ही यहां का लिबरल रिटेल सिस्टम और सख्त निगरानी व्यवस्था शराब बिक्री को बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रही है।इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डीसी-कम-एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर निशांत कुमार यादव ने कहा कि चंडीगढ़ की आबकारी नीति तीन मजबूत स्तंभों पर आधारित है पारदर्शिता, जवाबदेही और कड़ा प्रवर्तन। उन्होंने बताया कि डिजिटल मॉनिटरिंग के जरिए बिक्री और मूवमेंट पर नजर रखी जा रही है, जिससे नियम उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई संभव हो रही है। साथ ही अवैध शराब कारोबार रोकने के लिए प्रवर्तन अभियान भी तेज किए गए हैं, ताकि राजस्व और जनसुरक्षा दोनों को नुकसान न हो।