चंडीगढ़ 12 फ़रवरी 2026(जगदीश कुमार )चंडीगढ़ नगर निगम कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब डोर-टू-डोर कचरा उठाने वाले कर्मचारियों के अध्यक्ष सुरेंद्र कागड़ा ने जॉइंट कमिश्नर हिमांशु गुप्ता के कार्यालय में घुसकर अंदर बने रेस्ट रूम में खुद को बंद कर लिया।जानकारी के अनुसार, सुरेंद्र कागड़ा का आरोप है कि उन्हें और उनके कई साथियों को पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं मिला है। उनका कहना है कि बायोमेट्रिक अटेंडेंस में तकनीकी दिक्कतों के कारण कर्मचारियों का वेतन रोका गया है, जबकि वे लगातार नियमित रूप से काम कर रहे हैं। वेतन न मिलने से कर्मचारियों के परिवारों की आर्थिक स्थिति बिगड़ रही है और घर चलाना मुश्किल हो गया है।घटना की सूचना मिलते ही निगम प्रशासन ने तुरंत सेक्टर-17 थाना पुलिस को जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक कर्मचारी को बाहर आने के लिए समझाती रही। रेस्ट रूम की बालकनी और शीशे लगे होने के कारण पुलिसकर्मियों ने बाहर से सुरेंद्र से बातचीत की, लेकिन वह वेतन जारी होने का संदेश मिलने तक बाहर आने से इनकार करता रहा। इस दौरान उसने फेसबुक पर लाइव आकर भी अपनी बात रखी।
काफी मशक्कत के बाद दरवाजा खुलवाया गया और पुलिस ने सुरेंद्र कागड़ा को हिरासत में ले लिया। निगम की शिकायत के बाद उसे गिरफ्तार कर थाने ले जाया गया। पुलिस ने बताया कि उसके खिलाफ प्रिवेंटिव एक्शन लिया गया है और गुरुवार को उसे एसडीएम कोर्ट में पेश किया जाएगा।वहीं, जॉइंट कमिश्नर हिमांशु गुप्ता ने कहा कि उन्होंने सुबह ही अकाउंट्स विभाग को सैलरी जारी करने के निर्देश दे दिए थे, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी बाहर आने को तैयार नहीं हुआ