दैनिक खबरनामा 17 मार्च 2026 ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते तनाव से वैश्विक ईंधन आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस बीच भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि देश ने तेल आपूर्ति बनाए रखने के लिए रूस से कच्चे तेल की खरीद बढ़ा दी है।वहीं, भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौते को लेकर भी स्थिति साफ की गई है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि यह समझौता तभी होगा जब अमेरिका अपनी नई वैश्विक टैरिफ व्यवस्था को अंतिम रूप दे देगा।उन्होंने बताया कि पहले यह समझौता मार्च में होने की उम्मीद थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियां अधिनियम (IEEPA) के तहत टैरिफ को लेकर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद स्थिति बदल गई। अब नए प्रावधानों के तहत लगभग 10 प्रतिशत टैरिफ लागू है, जो भुगतान संतुलन संकट से जुड़ा है और सीमित अवधि के लिए है।
अग्रवाल के अनुसार, प्रस्तावित समझौता इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका अपने बाजार में भारत को कितना तुलनात्मक लाभ देता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका फिलहाल वैश्विक टैरिफ ढांचे को पुनर्गठित करने में लगा है और स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही किसी समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ को सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था, जिसके बाद नए टैरिफ ढांचे पर काम जारी है। अमेरिका भारत सहित 16 देशों के खिलाफ व्यापारिक जांच भी कर रहा है, जिससे भविष्य में अलग-अलग देशों पर टैरिफ दरें तय की जा सकेंगी।
इस बीच, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और व्यापारिक अनिश्चितताओं का असर भारत की ऊर्जा और व्यापार रणनीति पर साफ दिखाई दे रहा है।