चंडीगढ़ 2 मार्च 2026( दैनिक खबरनामा ) Central Administrative Tribunal की चंडीगढ़ बेंच ने चंडीगढ़ पुलिस के एक सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर से 1,02,468 रुपये की वसूली के आदेश को अवैध, मनमाना और अस्थिर करार देते हुए रद्द कर दिया है। ट्रिब्यूनल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वसूल की गई राशि आवेदक को जनरल प्रोविडेंट फंड (GPF) की दर से ब्याज सहित, वसूली की तारीख से लेकर वास्तविक भुगतान तक वापस की जाए।मोहाली निवासी सुरजीत सिंह ने ट्रिब्यूनल में दायर अपनी याचिका में बताया कि वह 1 नवंबर 2019 को ORP इंस्पेक्टर के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्त हुए थे। सेवानिवृत्ति से पहले पुलिस विभाग ने उन्हें ‘नो ड्यू सर्टिफिकेट’ जारी किया था। इसके बाद पेंशन भुगतान आदेश (PPO) जारी हुआ और उनकी पेंशन सहित सभी सेवानिवृत्ति लाभ बिना किसी आपत्ति के जारी कर दिए गए। तब से वह नियमित रूप से पेंशन प्राप्त कर रहे हैं।हालांकि, बाद में पेंशन संशोधन के दौरान विभाग ने पेंशन अधिकृत प्राधिकरण अकाउंटेंट जनरल (A&E), यूटी चंडीगढ़ को सूचित किया कि वेतन स्टेप-अप के बाद वार्षिक वेतनवृद्धि की गलत तिथि लागू होने के कारण 1,02,468 रुपये का अधिक भुगतान हो गया था। विभाग ने इस राशि की वसूली उनकी ग्रेच्युटी से करने का अनुरोध किया था।ट्रिब्यूनल ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद वसूली को गैरकानूनी ठहराते हुए सेवानिवृत्त अधिकारी को राहत प्रदान की।
You May Also Like
चंडीगढ़-मोहाली के 10 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, बच्चों की छुट्टी कराई, पुलिस ने संभाला मोर्चा
- Vishal
- February 11, 2026
मानहानि केस में पेश नहीं हुए सुखबीर बादल, वकील ने कोर्ट से मांगी हाजिरी से छूट
- Vishal
- February 27, 2026
पंजाब सरकार की बड़ी कार्रवाई दो वरिष्ठ IAS अधिकारी सस्पेंड, विभागों में फेरबदल
- Vishal
- February 8, 2026
शीतलहर से राहत चंडीगढ़ का अधिकतम तापमान 22 डिग्री पहुंचा, दिन में पहाड़ी शहरों से भी रहा गर्म
- Vishal
- January 17, 2026