हरियाणा 15 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) हरियाणा के
कैथल में आयोजित कष्ट निवारण समिति की बैठक के दौरान परिवहन मंत्री के कथित रवैये को लेकर Sarv Karamchari Sangh Haryana ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। संघ के राज्य सचिव जोगेंद्र करौंथा और पूर्व महासचिव जीवन सिंह ने प्रेस बयान जारी कर कहा कि किसी वरिष्ठ अधिकारी को बैठक से जाने के लिए कहना लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।कर्मचारी नेताओं का कहना है कि यदि किसी अधिकारी ने नियमानुसार अपना पक्ष रखा, तो उसे बीच बैठक से हटाने का निर्देश देना उचित नहीं ठहराया जा सकता। उन्होंने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए Haryana Civil Services (Punishment and Appeal) Rules, 2016 प्रभावी हैं, जिनके तहत केवल सक्षम प्राधिकारी ही निलंबन या दंडात्मक कदम उठा सकता है।संघ ने यह भी उल्लेख किया कि Haryana Government Employees Conduct Rules, 2016 के अनुसार किसी भी मौखिक आदेश की लिखित पुष्टि आवश्यक होती है। नेताओं ने आरोप लगाया कि यदि मौखिक निर्देशों के आधार पर प्रशासनिक फैसले लिए जाते हैं, तो इससे कानून व्यवस्था और प्रशासनिक पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि शासन पूरी तरह नियमों और स्थापित प्रक्रियाओं के तहत संचालित किया जाए। साथ ही प्रशासनिक तंत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी अपील की गई है।