पंजाब 21 मार्च 2026 (दैनिक खबरनामा) पंजाब में खालिस्तान समर्थकों की ओर से एक बार फिर विवादित बयान सामने आया है। दल खालसा के नेता परमजीत सिंह मंड ने गैर-सिख नेताओं के सिर पर दस्तार (पगड़ी) सजाने पर कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने राजनीतिक दलों और आम लोगों से अपील की है कि वोट की राजनीति के लिए इस परंपरा का इस्तेमाल न किया जाए।मंड ने कहा कि दस्तार सिख धर्म की पहचान है, जो गुरुओं की कुर्बानियों से मिली है। ऐसे में यह देखना जरूरी है कि जिसके सिर पर दस्तार सजाई जा रही है, वह उसके सम्मान के योग्य है या नहीं। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि गैर-सिख नेताओं को केवल राजनीतिक लाभ के लिए पगड़ी न पहनाई जाए।उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पंजाब के नेता बाहरी नेताओं को खुश करने और वोट बैंक को ध्यान में रखते हुए उनके सिर पर पगड़ी रखते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के दौरे के दौरान भी ऐसा किया गया।पंजाब को भारत का हिस्सा न मानने का दावापरमजीत सिंह मंड ने अपने बयान में कहा कि वह पंजाब को भारत का हिस्सा नहीं मानते। उन्होंने अमित शाह के मोगा दौरे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि उनका पंजाब आना इस बात का संकेत है कि वे पंजाब को अलग इकाई मानते हैं।करतारपुर साहिब को लेकर भी दिया बयान
मंड ने कहा कि यदि खालिस्तान का गठन होता है, तो श्री करतारपुर साहिब को पाकिस्तान से लैंड स्वैपिंग नीति के तहत लेकर खालिस्तान में शामिल किया जाएगा। इसके लिए भारत सरकार से बातचीत की आवश्यकता नहीं होगी, बल्कि पाकिस्तान से सीधे बातचीत की जाएगी।मोगा रैली के बाद बढ़ी हलचलगौरतलब है कि हाल ही में मोगा में आयोजित रैली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कानून-व्यवस्था को लेकर अपना रोडमैप पेश किया था। इसके बाद प्रदेश में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है और विभिन्न संगठनों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।