चंडीगढ़ 14 मार्च 2026( दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़ मनीमाजरा में एक ज्वेलरी शॉप से 505 ग्राम सोना चोरी करने के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। चंडीगढ़ की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. हरप्रीत कौर की अदालत ने आरोपी पलाश साहू को पहले मिली डिफ़ॉल्ट बेल रद्द कर दी है और उसे 15 दिनों के भीतर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि आरोपी तय समय के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यह मामला मनीमाजरा की एक ज्वेलरी शॉप से 505 ग्राम सोना चोरी होने से जुड़ा है। इस संबंध में सौरव भुनिया ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की और 21 जून 2024 को पश्चिम बंगाल के पश्चिम मेदिनीपुर जिले से आरोपी पलाश साहू को गिरफ्तार कर लिया था।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि आरोपी को गिरफ्तारी के बाद 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया था। इसलिए यह दलील सही नहीं मानी जा सकती कि उसे समय पर कोर्ट में पेश नहीं किया गया और इसी आधार पर उसे डिफ़ॉल्ट बेल मिलनी चाहिए।अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया कि डिफ़ॉल्ट बेल का अधिकार तभी मिलता है जब जांच एजेंसी तय समय सीमा के भीतर अपनी जांच पूरी नहीं कर पाती। सामान्य तौर पर यह अवधि गंभीर मामलों में 90 दिन और अन्य मामलों में 60 दिन होती है।कोर्ट ने कहा कि इस मामले में डिफ़ॉल्ट बेल देने का आधार उचित नहीं था, इसलिए आरोपी को मिली जमानत रद्द की जाती है। साथ ही उसे 15 दिनों के भीतर ट्रायल कोर्ट में सरेंडर करने का आदेश दिया गया है। अदालत के इस फैसले के बाद मामले में कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ने का रास्ता साफ हो गया है।