दैनिक खबरनामा । चंडीगढ़, 20 जून : पंजाब पुलिस को जल्द ही नया स्थायी पुलिस महानिदेशक (DGP) मिलने की संभावना है। राज्य में नियमित डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया अब निर्णायक चरण में पहुंच गई है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने 30 जून को एंपैनलमेंट कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है, जिसमें पंजाब कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों में से तीन नामों का पैनल तैयार किया जाएगा। इसके बाद पंजाब सरकार इन तीन अधिकारियों में से एक को राज्य का नियमित डीजीपी नियुक्त करेगी।

पंजाब में पिछले लगभग चार वर्षों से पुलिस विभाग कार्यवाहक डीजीपी के नेतृत्व में संचालित हो रहा है। जुलाई 2022 में गौरव यादव को कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त किया गया था और तब से नियमित नियुक्ति का मामला लंबित है। ऐसे में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले स्थायी डीजीपी की नियुक्ति को कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद तेज हुई प्रक्रिया

नियमित डीजीपी की नियुक्ति को लेकर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद इस प्रक्रिया में तेजी आई। 5 फरवरी को हुई सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने उन राज्यों पर नाराजगी जताई थी, जहां लंबे समय से पुलिस प्रशासन कार्यवाहक डीजीपी के भरोसे चल रहा है।

अदालत ने स्पष्ट किया था कि प्रकाश सिंह पुलिस सुधार मामले में निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन अनिवार्य है और डीजीपी की नियुक्ति यूपीएससी की निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही की जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी कहा था कि “कार्यवाहक डीजीपी” की व्यवस्था स्थायी विकल्प नहीं हो सकती।

UPSC ने मांगी थी पात्र अधिकारियों की सूची

सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद यूपीएससी ने 18 फरवरी को पंजाब सरकार से पात्र अधिकारियों की सूची मांगी थी। राज्य सरकार ने 6 अप्रैल को 14 योग्य आईपीएस अधिकारियों के नाम आयोग को भेजे। इनमें 1992 बैच के चार वरिष्ठ अधिकारी प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। इस बैच में शरद सत्य चौहान सबसे वरिष्ठ हैं। उनके अलावा हरप्रीत सिंह सिद्धू, मौजूदा कार्यवाहक डीजीपी गौरव यादव और कुलदीप सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। पात्र अधिकारियों की सूची में 1993 बैच के तीन तथा 1994 बैच के सात अधिकारी भी शामिल हैं।

कुछ अधिकारियों के मामलों पर मांगा गया था स्पष्टीकरण

सूत्रों के अनुसार, यूपीएससी ने पैनल बैठक से पहले कुछ अधिकारियों से जुड़े लंबित मामलों पर पंजाब सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था। शरद सत्य चौहान के खिलाफ लंबित मामलों की स्थिति और कुलदीप सिंह की 23 फरवरी से 16 अक्टूबर तक की हाफ-पे लीव को लेकर आयोग ने जानकारी तलब की थी। राज्य सरकार द्वारा आवश्यक दस्तावेज और स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के बाद अब चयन प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।

एंपैनलमेंट कमेटी में होंगे ये सदस्य

यूपीएससी की एंपैनलमेंट कमेटी में आयोग के अध्यक्ष, केंद्रीय गृह सचिव या उनके नामित वरिष्ठ अधिकारी, किसी केंद्रीय पुलिस संगठन के प्रमुख, पंजाब के मुख्य सचिव तथा मौजूदा डीजीपी शामिल होंगे। कमेटी अधिकारियों के सेवा रिकॉर्ड, वरिष्ठता, उपलब्धियों, नेतृत्व क्षमता और विजिलेंस स्थिति का मूल्यांकन कर तीन नामों का पैनल तैयार करेगी।

अंतिम फैसला पंजाब सरकार के हाथ में

तीन नामों का पैनल तैयार होने के बाद अंतिम निर्णय पंजाब सरकार को लेना होगा। आम आदमी पार्टी सरकार पैनल में शामिल अधिकारियों में से किसी एक को राज्य का नया डीजीपी नियुक्त करेगी।

सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार नियमित डीजीपी को कम से कम दो वर्ष का निश्चित कार्यकाल मिलेगा, भले ही इस दौरान उनकी सेवानिवृत्ति की निर्धारित तिथि क्यों न आ जाए। अब पंजाब पुलिस, प्रशासनिक हलकों और राजनीतिक गलियारों की नजर 30 जून को होने वाली यूपीएससी की बैठक पर टिकी हुई है।

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