पंजाब 2 मार्च 2026 ( दैनिक खबरनामा ) पटियाला। Punjab State Human Rights Commission (PSHRC) के सदस्य Jitender Singh Shunty ने शनिवार को घोषणा की कि मानवाधिकार संरक्षण को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए पंजाब देश का पहला राज्य बनेगा, जहां हर जिले में 15 सदस्यीय कोर ग्रुप का गठन किया जाएगा।जिला प्रशासनिक परिसर, पटियाला में आयोजित ओपन पब्लिक हियरिंग कैंप को संबोधित करते हुए शंटी ने कहा कि आयोग का उद्देश्य लोगों तक उनके दरवाजे पर पहुंचकर अधिकार हनन के मामलों में समयबद्ध न्याय सुनिश्चित करना है। प्रस्तावित कोर ग्रुप में स्थानीय सामाजिक सेवा संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होंगे, जो जिला स्तर पर आयोग की शाखा के रूप में कार्य करेंगे और शिकायतों के त्वरित निपटारे में सहयोग देंगे।
इस दौरान शंटी ने आयोग की व्हाट्सऐप हेल्पलाइन नंबर 9855475547 भी लॉन्च की और नागरिकों से अपील की कि वे मानवाधिकार उल्लंघन की शिकायतें लिखित रूप में भेजें, ताकि दो दिनों के भीतर कार्रवाई शुरू की जा सके।दौरे के दौरान उन्होंने एडीसी (अर्बन डेवलपमेंट) नवरीत कौर सेखों, एसपी (सिटी) पलविंदर सिंह चीमा, सेंट्रल जेल सुपरिटेंडेंट गुरचरण सिंह ढिल्लों सहित नगर निगम, स्वास्थ्य विभाग, ग्रामीण विकास एवं पंचायत विभाग, पीएसपीसीएल और अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की। पटियाला की विभिन्न एनजीओ प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया और लोगों की शिकायतें सुनी गईं।इससे पहले शंटी ने सरकारी राजिंदरा अस्पताल का औचक निरीक्षण कर आपातकालीन सेवाओं और एंबुलेंस सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सरकारी या निजी अस्पताल बकाया बिल के कारण मरीज को रोक नहीं सकता और न ही मृतक का शव परिजनों को देने से इनकार कर सकता है। अस्पतालों को बेहतर मॉर्चरी सुविधाएं और एंबुलेंस सेवाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।साथ ही अज्ञात और आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के अंतिम संस्कार में सहयोग, गांवों में मॉर्चरी बॉक्स उपलब्ध कराने, सफाई कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण और बीमा कवर देने के भी निर्देश जारी किए गए। पुलिस को 112 के जरिए संपर्क करने पर गंभीर मरीजों को ले जा रही एंबुलेंस को पायलट वाहन उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए।शंटी ने 1947 के दंगों, भोपाल गैस त्रासदी और 1984 के सिख विरोधी हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि जब मानवाधिकारों की रक्षा के लिए संस्थागत तंत्र मौजूद है, तो ऐसी त्रासदियों की पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।