चंडीगढ़ 31 जनवरी 2026 (जगदीश कुमार) चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में आज अंधविश्वास,कथित धोखाधड़ी पूर्ण धार्मिक गतिविधियों और पंजाब में अवैध धर्मांतरण के आरोपों के विरोध में शनिवार को पंजाब बचाओ मोर्चा (PBM) ने चंडीगढ़ के सेक्टर-17 में विशाल जन-प्रदर्शन और कैंडल मार्च का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का नेतृत्व संगठन के अध्यक्ष तेजस्वी मिन्हास ने किया।प्रदर्शन का उद्देश्य समाज में फैल रहे अंधविश्वास और कथित तौर पर झूठे चमत्कारों के जरिए लोगों को गुमराह करने वाली गतिविधियों के प्रति जन-जागरूकता फैलाना बताया गया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि कुछ तथाकथित स्वयंभू बाबा और चमत्कारी प्रचारक भय, प्रलोभन और भ्रामक दावों के माध्यम से आम लोगों का मानसिक व आर्थिक शोषण कर रहे हैं। इसी क्रम में कुछ नामों का उल्लेख करते हुए उनकी गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग भी उठाई गई।कैंडल मार्च में पंजाब के विभिन्न जिलों से आए सामाजिक संगठनों, किसान व छात्र संगठनों, बार एसोसिएशन तथा ईसाई समुदाय के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि दबाव, धोखाधड़ी और गलत तथ्यों की प्रस्तुति के जरिए धर्मांतरण की गतिविधियां संचालित की जा रही हैं, जो पंजाब जैसे सीमावर्ती राज्य की सामाजिक एकता और संतुलन के लिए खतरा बन सकती हैं।
सभा को संबोधित करते हुए तेजस्वी मिन्हास ने आरोप लगाया कि कुछ प्रचारकों द्वारा विदेशी फंडिंग का दुरुपयोग कर आक्रामक प्रचार और निजी लाभ के लिए लोगों को भ्रमित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झूठे चमत्कारों और इलाज के दावों से गरीब और कमजोर वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा है।मिन्हास ने पंजाब सरकार पर भी आरोप लगाते हुए कहा कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई के बजाय सरकार की चुप्पी चिंताजनक है। उन्होंने यह भी दावा किया कि विरोध करने वालों की आवाज दबाने के लिए पुलिस कार्रवाई और एफआईआर का सहारा लिया जा रहा है।प्रदर्शन में शामिल ईसाई नेताओं ने स्पष्ट किया कि कुछ कथित चमत्कारी प्रचारकों की गतिविधियों से ईसाई धर्म की छवि को नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने कहा कि पारंपरिक ईसाई संप्रदायों का इतिहास शिक्षा, स्वास्थ्य और सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय रहा है और उन्हें गलत ढंग से बदनाम नहीं किया जाना चाहिए।
अंत में पंजाब बचाओ मोर्चा ने कहा कि अंधविश्वास, धार्मिक धोखाधड़ी और कथित अवैध धर्मांतरण के खिलाफ उनका आंदोलन शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा तथा सामाजिक सद्भाव और कानून के शासन की रक्षा के लिए हर संवैधानिक मंच पर आवाज उठाई जाएगी।