पंजाब 25 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) पंजाब के अमृतसर: शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) पर शिरोमणि अकाली दल के राजनीतिक हित साधने के गंभीर आरोप लगाते हुए भाई बलदेव सिंह वडाला ने तीखा हमला बोला है। श्री हरमंदिर साहिब के पूर्व हजूरी रागी भाई वडाला ने कहा कि कमेटी हर समय अकाली दल को राजनीतिक संकट से बचाने में लगी रहती है, जिसके कारण गुरुद्वारों के प्रबंधन में गिरावट आई है और अंदरूनी अनियमितताएं बढ़ी हैं।उन्होंने कहा कि यदि कमेटी के पदाधिकारी राजनीति से दूरी बनाकर केवल गुरुद्वारा प्रबंधन पर ध्यान दें, तो घोटालों और विवादों की स्थिति उत्पन्न ही न हो। भाई वडाला ने आरोप लगाया कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज का उपयोग भी एसजीपीसी द्वारा ज्ञानी रघबीर सिंह के खिलाफ किया जा सकता है। उनका कहना है कि हालिया बयानों ने अकाली दल और कमेटी के लिए नया पंथक और राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है।भाई वडाला ने एसजीपीसी प्रधान हरजिंदर सिंह धामी द्वारा 72 घंटे में जवाब मांगने के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में कमेटी 328 पवित्र स्वरूपों का स्पष्ट हिसाब नहीं दे पाई है। 319 हस्तलिखित स्वरूपों, 12,67,478 में से 886 स्वरूपों तथा बिना अनुमति छपे पवित्र अंशों की स्थिति भी स्पष्ट नहीं की गई।गोलक चोरी और घोटालों पर मांगा जवाब भाई वडाला ने गोलक चोरी, जमीन घोटाले, लंगर धोखाधड़ी, मीरी-पीरी कृपाण की मूठ और आलमगीर के सोने के कलश जैसे मामलों का उल्लेख करते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की। उन्होंने कोहली सीए द्वारा रिकवर किए जाने वाले नौ करोड़ रुपये और श्री आनंदपुर साहिब में दो करोड़ सत्तर लाख रुपये के मकान के मामले पर भी जवाब मांगा।उन्होंने कहा कि केवल 72 घंटे का नोटिस देकर जवाबदेही तय नहीं की जा सकती। एक ईमानदार व्यक्ति पर अन्याय होता है तो वह स्वयं पद छोड़ देता है। भाई वडाला के इन आरोपों के बाद पंथक और सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है। हालांकि, एसजीपीसी की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।