चंडीगढ़ 10 फरवरी 2026 (दैनिक खबरनामा) चंडीगढ़ निर्देशक भाव्या छाबड़ा की डॉक्यूमेंट्री फ़िल्म ‘ड्रीम लाइफ’ का प्रीमियर मंगलवार को टैगोर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में छात्रों, रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े पेशेवरों और सिनेमा प्रेमियों की अच्छी-खासी मौजूदगी देखने को मिली।
हिमाचल प्रदेश के बीड़ में फ़िल्माई गई 35 मिनट की यह ऑब्ज़र्वेशनल और नैरेटिव डॉक्यूमेंट्री वास्तुकार दंपती सन्नत और सान्या की कहानी पर आधारित है। फ़िल्म उस फैसले को दर्शाती है, जिसमें दोनों ने शहर की तेज़-तर्रार ज़िंदगी को छोड़कर एक पहाड़ी कस्बे में शांत और सोच-समझकर चुनी गई जीवनशैली अपनाई। ड्रीम लाइफ स्लो लिविंग की अवधारणा को केवल एक रोमांटिक विचार के रूप में नहीं, बल्कि उसकी रोज़मर्रा की हकीकत के साथ सामने रखती है।फ़िल्म यह सवाल उठाती है कि जब “ड्रीम लाइफ” कल्पना से निकलकर वास्तविक जीवन में उतरती है, तो उसका स्वरूप कैसा होता है और उसमें किन चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। वर्ष 2023 में शूट की गई इस फ़िल्म के संपादन में लगभग दो वर्षों का समय लगा।स्क्रीनिंग के बाद दर्शकों से बातचीत में भाव्या छाबड़ा ने कहा कि यह फ़िल्म आदर्शवादी पलायन और व्यावहारिक जीवन के बीच के अंतर को उजागर करती है। उन्होंने कहा, “फ़िल्म उस मोड़ को दिखाती है, जहां रोमांस रोज़मर्रा की दिनचर्या से टकराता है और धीमा जीवन एक विचार नहीं, बल्कि आदत बन जाता है।”भाव्या छाबड़ा एक फ्रीलांस डॉक्यूमेंट्री फ़िल्ममेकर हैं, जिनका काम दृश्यात्मक और चरित्र-केंद्रित कहानी कहने के लिए जाना जाता है। उनकी फ़िल्में आम लोगों के आंतरिक संसार, जीवन-दर्शन और दैनिक अनुभवों को संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत करती हैं।ड्रीम लाइफ को आने वाले महीनों में विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फ़िल्म समारोहों व क्यूरेटेड स्क्रीनिंग्स में प्रदर्शित किए जाने की संभावना है।