चंडीगढ़ 27 दिसम्बर (जगदीश कुमार)मरीजों की सुविधा और समय बचाने के उद्देश्य से शुरू की गई ऑनलाइन अपॉइंटमेंट व्यवस्था PGI में पूरी तरह से फेल होती नजर आ रही है। ऑनलाइन सिस्टम में तय किए गए समय के अनुसार अस्पताल पहुंचने के बावजूद मरीजों को डॉक्टर को दिखाने के लिए 5 से 7 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। लंबा इंतजार, अव्यवस्थित कतारें और जानकारी के अभाव ने मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानी में डाल दिया।सुबह से ही PGI की ओपीडी के बाहर मरीजों की लंबी लाइनें लग गईं। कई मरीजों ने बताया कि उन्हें ऑनलाइन अपॉइंटमेंट में एक निश्चित समय स्लॉट दिया गया था, लेकिन उस समय पर पहुंचने के बावजूद उन्हें घंटों तक डॉक्टर के कमरे के बाहर बैठना पड़ा। इस दौरान न तो सही सूचना दी गई और न ही इंतजार के समय को लेकर कोई स्पष्ट व्यवस्था नजर आई।लंबे इंतजार के चलते कई मरीज भूखे-प्यासे ही अपनी बारी का इंतजार करते रहे। दूर-दराज से इलाज के लिए आए मरीजों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ मरीजों ने बताया कि सुबह से दोपहर और फिर शाम हो गई, लेकिन उनकी बारी नहीं आई। मजबूरी में कई लोग दवाइयों और जांच के समय को लेकर भी परेशान होते दिखे।मरीजों का कहना है कि ऑनलाइन अपॉइंटमेंट सिस्टम का उद्देश्य अस्पतालों में भीड़ कम करना और समयबद्ध इलाज सुनिश्चित करना था, लेकिन जमीनी स्तर पर इसकी व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त नजर आई। डॉक्टरों के कमरों के बाहर अफरा-तफरी का माहौल रहा और स्टाफ की ओर से भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला।इस स्थिति ने PGI प्रशासन के दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मरीजों का कहना है कि यदि ऑनलाइन अपॉइंटमेंट के बावजूद घंटों इंतजार करना पड़े, तो इस सिस्टम का कोई मतलब नहीं रह जाता। उन्होंने मांग की है कि या तो अपॉइंटमेंट के समय का सख्ती से पालन कराया जाए या फिर मरीजों को वास्तविक स्थिति की पहले से जानकारी दी जाए, ताकि वे मानसिक और शारीरिक परेशानी से बच सकें।फिलहाल PGI में इलाज के लिए पहुंचे मरीज उम्मीद लगाए बैठे हैं कि प्रशासन जल्द ही ऑनलाइन अपॉइंटमेंट व्यवस्था को दुरुस्त करेगा, ताकि अस्पताल आने वाले हजारों मरीजों को राहत मिल सके।
