करौली 7 जनवरी(दैनिक खबरनामा) धौलपुर पीएम श्री योजना के अंतर्गत पीएम श्री स्वतंत्रता सेनानी चिरंजीलाल शर्मा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, करौली के विद्यार्थियों का एक शैक्षिक भ्रमण मिलिट्री स्कूल धौलपुर के लिए आयोजित किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य देवेंद्र कुमार पाराशर ने प्रातः 8:00 बजे विद्यालय साझेदारी कार्यक्रम के तहत विद्यार्थियों के दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने मिलिट्री स्कूल धौलपुर में स्थित म्यूजियम, पुस्तकालय, विभिन्न प्रकार की आधुनिक प्रयोगशालाओं के साथ-साथ विद्यालय परिसर एवं बाहरी शैक्षिक वातावरण का अवलोकन किया। विद्यार्थियों को मिलिट्री स्कूल की शैक्षणिक पद्धति, अनुशासन, नवाचार, समय प्रबंधन एवं सुव्यवस्थित प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी प्राप्त हुई, जिससे वे अत्यंत प्रेरित हुए।इस शैक्षिक भ्रमण से न केवल विद्यार्थियों बल्कि विद्यालय स्टाफ को भी सैन्य विद्यालय की कार्यशैली को समझने का अवसर मिला, जिससे भविष्य में शैक्षणिक गुणवत्ता को और बेहतर बनाने में सहायता मिलेगी।भ्रमण के दौरान पीएम श्री प्रभारी ऋषिकेश मीणा, सह प्रभारी वीरेन्द्र गुर्जर, व्याख्याता राजेन्द्र मीना, नीलम कुमारी गुप्ता, सविता जादौन एवं सरोज गुप्ता सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। सभी शिक्षकों ने इस भ्रमण को विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
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- Dainik Khabarnama
- December 16, 2025
सीधी | 29 दिसंबर | अमित मिश्रा सीधी जिले के मझौली क्षेत्र अंतर्गत पांढ, ताला एवं मझौली धान खरीदी केंद्रों पर बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है। जबकि जिला कलेक्टर सीधी द्वारा उपार्जन केंद्रों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने के सख्त निर्देश दिए गए हैं और कई स्थानों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है, इसके बावजूद कुछ प्रभारी अपनी मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मझौली खरीदी केंद्र स्थित पांढ व ताला क्षेत्र का है, जहां उपार्जन केंद्र प्रभारी नियमों को ताक पर रखकर धान खरीदी कर रहे हैं। स्थानीय किसानों का आरोप है कि केंद्र प्रभारी को न तो किसी अधिकारी का डर है और न ही किसी कार्रवाई की परवाह। पूर्व में अधिकारियों द्वारा खरीदी केंद्र का निरीक्षण भी किया गया था। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि निर्धारित 41 किलो की जगह 41 किलो 200 ग्राम तक धान भरवाया जा रहा है। इतना ही नहीं, नियमों के विपरीत धान की तौल और बोरा भराई का कार्य किसान स्वयं करने को मजबूर हैं, जिससे किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का कहना है कि अतिरिक्त धान भरवाने से उन्हें आर्थिक नुकसान हो रहा है, लेकिन मजबूरी में वे इस व्यवस्था को सहन कर रहे हैं। सवाल यह उठता है कि कलेक्टर के सख्त निर्देशों और पूर्व निरीक्षण के बावजूद आखिर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और दोषी उपार्जन केंद्र प्रभारियों पर कब सख्त कार्रवाई करता है।
- Vishal
- December 29, 2025