मोहाली 10 जनवरी(जगदीश कुमार)मोहाली शहर में बढ़ते अतिक्रमण की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम और गमाडा (ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी) मिलकर एक स्पष्ट और समान नीति तैयार करेंगे। यह नीति विशेष रूप से गमाडा के उन नए सेक्टरों और इलाकों के लिए बनाई जा रही है, जहां इस समय बड़ी संख्या में मकान निर्माणाधीन हैं।नगर निगम की हाउस मीटिंग में इस मुद्दे पर विस्तृत चर्चा के बाद निगम आयुक्त परमिंदर पाल सिंह ने बताया कि नीति के तहत यह तय किया जाएगा कि घर के बाहर कितनी और किस स्थान पर क्यारी और रेलिंग लगाने की अनुमति होगी। केवल तय मानकों के अनुसार किए गए निर्माण को ही वैध माना जाएगा, जबकि निर्धारित सीमा से बाहर किया गया निर्माण अवैध कब्जे की श्रेणी में आएगा।बैठक में बताया गया कि कई नए सेक्टरों में लोग अपनी सुविधा के अनुसार घरों के बाहर क्यारी, रेलिंग और अन्य अस्थायी निर्माण कर रहे हैं, जिससे सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण की स्थिति बन रही है। इसका असर सड़कों और फुटपाथों की चौड़ाई पर पड़ रहा है और भविष्य में यातायात तथा सफाई व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है।नगर निगम ने निर्णय लिया है कि इस संबंध में गमाडा को एक औपचारिक पत्र भेजा जाएगा, ताकि दोनों संस्थाएं मिलकर नीति को अंतिम रूप दे सकें। नीति लागू होने के बाद सभी नए सेक्टरों में एक समान नियम लागू होंगे, जिससे अतिक्रमण हटाने की नौबत नहीं आएगी और भविष्य में किसी तरह के विवाद की संभावना भी कम होगी।निगम अधिकारियों का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य लोगों को परेशान करना नहीं, बल्कि मोहाली को सुव्यवस्थित और नियोजित तरीके से विकसित करना है।