चंडीगढ़ 11 जनवरी (जगदीश कुमार)चंडीगढ़-मोहाली पंजाब के खाली इलाकों में चंडीगढ़ के डंपिंग ग्राउंड का कचरा खुले में फेंके जाने का मामला सामने आने के बाद सियासी और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। चंडीगढ़ के सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।जसबीर सिंह बंटी ने बताया कि उन्हें दक्षिणी सेक्टरों के निवासियों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि डंपिंग ग्राउंड से निकलने वाले कचरे का निपटान तय नियमों के अनुसार नहीं किया जा रहा है। कई बार कचरे को पंजाब के खाली प्लॉटों और खुले इलाकों में फेंक दिया जाता है, जिससे आसपास रहने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।उन्होंने कहा कि जब नगर निगम कचरा निपटान पर करोड़ों रुपये खर्च कर रहा है, तो संबंधित कंपनी के कर्मचारियों को किसी भी सूरत में खुले में कचरा फेंकने की इजाजत नहीं दी जानी चाहिए। शिकायतें मिलने के बाद सीनियर डिप्टी मेयर स्वयं डंपिंग ग्राउंड पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
अवैध रूप से कचरा फेंकने पर मामला दर्ज मोहाली में पुलिस ने चंडीगढ़ से लाकर बिना छंटा हुआ कचरा फेंकने के मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार रात कई डंपर ट्रकों में भरकर लाया गया असंयोजित (अनसेग्रीगेटेड) कचरा मुल्लांपुर-कुराली रोड के पास खाली जगह पर फेंका गया।
सूचना मिलते ही प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, मोहाली पुलिस और पंजाब जल एवं सीवरेज बोर्ड की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और एक वाहन को जब्त कर लिया गया। जांच शुरू होने के बाद पंजाब जल एवं सीवरेज बोर्ड के अधिकारियों की शिकायत पर 10 जनवरी को मुल्लांपुर थाने में पर्यावरण संरक्षण अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 271 और 272 के तहत मामला दर्ज किया गया है।प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।