10 जनवरी(दैनिक खबरनामा)बेंगलुरु में भ्रष्टाचार के खिलाफ CBI की कार्रवाई ने पूरे सिस्टम में हड़कंप मचा दिया है। केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (CPRI) में तैनात संयुक्त निदेशक राजाराम मोहनराव को रिश्वतखोरी के आरोप में बन गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि अधिकारी ने एक निजी कंपनी से 9.5 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, लेकिन जब CBI ने उनके ठिकानों पर छापेमारी की तो मामला कहीं ज्यादा बड़ा निकला।रेड के दौरान
CBI अधिकारियों को घर के एक कोने में रखे तीन बड़े सूटकेस मिले। जैसे ही सूटकेस खोले गए, अंदर नोटों की गड्डियां देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। जांच में कुल 3.76 करोड़ रुपये नकद बरामद किए गए, जिसे गिनने में टीम को काफी मशक्कत करनी पड़ी।इस मामले में सुधीर ग्रुप के निदेशक अतुल खन्ना को भी CBI ने गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि रिश्वत की रकम लाखों में तय हुई थी, लेकिन काली कमाई करोड़ों में जमा की जा रही थी।CBI की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार की जड़ें कितनी गहरी हैं। अलमारियों में नहीं, बल्कि सूटकेस में भरकर रखी गई यह नकदी उस गंदे खेल की गवाही दे रही है, जो सिस्टम के भीतर दीमक की तरह फैल चुका है।