चंडीगढ़ 27 दिसम्बर (जगदीश कुमार)पंजाब में आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले शिरोमणि अकाली दल (SAD) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संभावित गठजोड़ को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो क्लिप तेजी से वायरल हो रही है, जिसमें दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन और वोटिंग को लेकर लोगों से सवाल पूछे जा रहे हैं। इस वीडियो को एक तरह का “सर्वे” बताया जा रहा है, जिसने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है।यह कथित सर्वे ऐसे समय सामने आया है, जब SAD और BJP के फिर से साथ आने को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह पहले ही सार्वजनिक तौर पर गठजोड़ के पक्ष में बयान दे चुके हैं। वहीं, भाजपा की प्रदेश लीडरशिप इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से बचती नजर आ रही है और लगातार यह कह रही है कि इस बारे में अंतिम फैसला पार्टी हाईकमान ही करेगा।हालांकि, वायरल वीडियो को लेकर SAD और BJP दोनों ने ही साफ इनकार किया है। दोनों पार्टियों के नेताओं का कहना है कि यह सर्वे उनकी ओर से नहीं करवाया जा रहा है और न ही इसका पार्टी से कोई लेना-देना है। नेताओं के मुताबिक, किसी भी तरह का आधिकारिक सर्वे या जनमत संग्रह पार्टी स्तर पर नहीं किया जा रहा। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर यह सर्वे करवा कौन रहा है और इसके पीछे किसका एजेंडा है।बताया जा रहा है कि यह सर्वे फिलहाल सोशल मीडिया पर सुर्खियों में बना हुआ है। गौरतलब है कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी SAD और BJP के गठजोड़ की संभावना बनी थी और दोनों दलों के बीच बातचीत चली थी, लेकिन सीटों के बंटवारे पर सहमति नहीं बन पाई थी। इसी कारण उस समय गठबंधन साकार नहीं हो सका।सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में लोगों से खासतौर पर दो अहम सवाल पूछे जा रहे हैं—पहला, यदि SAD और BJP एक बार फिर गठजोड़ करते हैं तो क्या मतदाता इस गठबंधन को समर्थन देंगे?दूसरा, गठबंधन की स्थिति में वोटिंग का रुझान किस दिशा में जा सकता है?राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के वीडियो और सर्वे का उद्देश्य माहौल को भांपना और जनता की प्रतिक्रिया को परखना हो सकता है। वहीं, कुछ विशेषज्ञ इसे आगामी चुनाव से पहले राजनीतिक दबाव बनाने की रणनीति भी बता रहे हैं।फिलहाल, SAD-BJP गठजोड़ को लेकर स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन वायरल सर्वे ने यह जरूर साबित कर दिया है कि आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले पंजाब की राजनीति में गठबंधन का मुद्दा केंद्र में रहने वाला है।

