चंडीगढ़ 19 जनवरी( दैनिक खबरनामा) निजी चैनल पर भगवान वाल्मीकि से जुड़े एक कार्यक्रम के प्रसारण को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में तीखी बहस देखने को मिली। याचिका में कार्यक्रम से संबंधित वीडियो हटाने, चैनल और एंकर से माफी दिलाने तथा केंद्र सरकार से कार्रवाई की मांग की गई थी। यह याचिका जालंधर निवासी हानि बालू द्वारा दाखिल की गई थी।सुनवाई के दौरान अदालत ने याचिकाकर्ता से कड़े सवाल पूछे। अदालत ने कहा कि क्या आप इतिहास की बात कर रहे हैं या पौराणिक कथाओं की? अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि महर्षि वाल्मीकि के जीवन से जुड़ी घटनाएं सर्वविदित हैं और सभी ने उन्हें पढ़ा है। एक डाकू से महान ऋषि बनने की उनकी यात्रा गर्व की बात है, इसमें शर्म की कोई बात नहीं है।
अदालत ने याचिका की गंभीरता पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या आप इस याचिका को लेकर वास्तव में गंभीर हैं? आप अदालत का समय बर्बाद कर रहे हैं। कोर्ट ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं तो उनके समर्थन में ठोस प्रमाण प्रस्तुत किए जाएं।कार्यवाही के दौरान अदालत ने बार एसोसिएशन में दस हजार रुपये की लागत लगाने की चेतावनी भी दी। अदालत की सख्त टिप्पणियों के बाद याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी।इसके बाद हाईकोर्ट ने याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया और लागत लगाने का आदेश भी वापस ले लिया।