पंजाब 10 फरवरी 2026( दैनिक खबरनामा ) पंजाब के मोहाली में । सेक्टर-66 स्थित सरकारी नशा छुड़ाऊ केंद्र में सुरक्षा इंतजामों को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं। रविवार को केंद्र में भर्ती करीब 40 मरीजों ने एक साथ भागने की कोशिश की, हालांकि वे सफल नहीं हो सके। इस घटना के बाद केंद्र के कर्मचारियों में डर और नाराजगी फैल गई, जिसके चलते सोमवार को स्टाफ ने काम बंद कर धरना शुरू कर दिया।धरने पर बैठे कर्मचारियों ने बताया कि पहले केंद्र में वही मरीज भर्ती होते थे जो अपनी इच्छा से नशा छोड़ने आते थे और दवाइयों के जरिए इलाज कराया जाता था। लेकिन अब बड़ी संख्या में ऐसे मरीज यहां लाए जा रहे हैं, जिन्हें पुलिस जबरन पकड़कर भर्ती कर रही है। ऐसे मरीज केंद्र में रहना नहीं चाहते और बार-बार भागने का प्रयास करते हैं, जिससे स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों की जान को खतरा बना रहता है।कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि इससे पहले दो मरीज केंद्र से फरार हो चुके हैं, जबकि एक बार मरीजों ने सुरक्षा गार्डों पर जानलेवा हमला भी किया था। स्टाफ ने मांग की कि जब तक केंद्र में पर्याप्त पुलिस सुरक्षा नहीं बढ़ाई जाती, वे ड्यूटी पर वापस नहीं लौटेंगे।धरने की सूचना मिलने पर डीएसपी सिटी-2 हरसिमरन सिंह बल और थाना फेज-11 के एसएचओ अमन बैदवान मौके पर पहुंचे। बातचीत के बाद डीएसपी ने आश्वासन दिया कि अब केंद्र में छह पुलिस कर्मी तैनात किए जाएंगे, जो तीन-तीन की शिफ्ट में सुबह-शाम ड्यूटी देंगे। इसके बाद कर्मचारियों ने धरना समाप्त कर काम शुरू कर दिया।गौरतलब है कि जून 2025 में आंधी-तूफान और ब्लैकआउट के दौरान 23 मरीज खिड़की तोड़कर फरार हो गए थे, जबकि सितंबर 2025 में दो मरीज सुरक्षा गार्डों पर हमला कर छत से कूदकर भागने में सफल रहे थे।