पंजाब 14 जनवरी (जगदीश कुमार) पंजाब सरकार ने स्वतंत्रता संग्राम के महान नायक शहीद भगत सिंह से जुड़े ऐतिहासिक दस्तावेजों को लेकर एक अहम और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ब्रिटेन से भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम हरि राजगुरु के मुकदमे की कार्यवाही से संबंधित मूल रिकॉर्ड उपलब्ध कराने का औपचारिक अनुरोध किया है।मुख्यमंत्री मान ने 9 जनवरी को ब्रिटेन के उप उच्चायुक्त अल्बा स्मेरिग्लियो को लिखे पत्र में आग्रह किया कि भगत सिंह केस से जुड़े फिल्म, ऑडियो टेप और अन्य अभिलेखीय दस्तावेजों की प्रतियां पंजाब सरकार को प्रदान की जाएं। सरकार को जानकारी मिली है कि इन शहीदों के मुकदमे से संबंधित मूल ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग और कानूनी दस्तावेज वर्तमान में स्कॉटलैंड में संबंधित अधिकारियों के पास सुरक्षित हैं और संभवतः किसी ऐतिहासिक संग्रहालय या संस्थान में संरक्षित हैं।पत्र में मुख्यमंत्री ने कहा कि ये अभिलेख न केवल पंजाब के लोगों के लिए, बल्कि विश्वभर के इतिहासकारों, शोधकर्ताओं और मानवाधिकार विद्वानों के लिए भी अत्यंत ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व रखते हैं। उन्होंने इन दस्तावेजों को शैक्षणिक अध्ययन, डिजिटल संरक्षण और पंजाब के खटकर कलां स्थित ‘शहीद भगत सिंह हेरिटेज कॉम्प्लेक्स’ में सार्वजनिक प्रदर्शन के लिए उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।आम आदमी पार्टी के नेता भगवंत मान ने इस अनुरोध के पीछे “न्याय, त्याग और मानव गरिमा” जैसे सार्वभौमिक मूल्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन ऐतिहासिक अभिलेखों को साझा करना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत होगा।गौरतलब है कि मात्र 23 वर्ष की आयु में शहीद भगत सिंह को 23 मार्च 1931 को सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु के साथ ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन सॉन्डर्स की हत्या के आरोप में फांसी दी गई थी। यह मामला इतिहास में लाहौर षड्यंत्र केस के नाम से जाना जाता है।पंजाब सरकार की यह पहल स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास को सहेजने और शहीदों की विरासत को विश्व मंच पर सम्मान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।