उत्तराखंड 9 जनवरी(दैनिक खबरनामा)हरिद्वार जनपद में सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की सख्ती के बाद प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सरकारी संपत्तियों पर अवैध कब्जे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। इसी क्रम में पिरान कलियर क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की भूमि पर अवैध रूप से बनी एक मजार समेत करीब दो दर्जन अस्थायी टिनशेड और अन्य मिश्रित अतिक्रमण को बुलडोजर चलाकर ध्वस्त कर दिया गया।दरअसल, हरिद्वार जनपद में उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की कई परिसंपत्तियां वर्षों से अवैध कब्जों की चपेट में थीं। यह मामला केवल अतिक्रमण का नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड दोनों राज्यों की प्रशासनिक जिम्मेदारियों से भी जुड़ा हुआ है। विभाग का कहना था कि स्थानीय स्तर पर अपेक्षित सहयोग न मिलने के कारण कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी।इस स्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बीते सप्ताह डामकोठी में संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए थे कि सरकारी भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा।
डीएम के निर्देशों के बाद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीपक रामचंद्र शेट के नेतृत्व में बुधवार को पिरान कलियर क्षेत्र में दरगाह गैबलीशाह रोड पर कार्रवाई की गई। इस दौरान अवैध मजार, अस्थायी ढांचे और दुकानों को हटाया गया। प्रशासन और पुलिस बल की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। बुलडोजर कार्रवाई से क्षेत्र में अतिक्रमण करने वालों में हड़कंप मच गया।प्रशासन के अनुसार यह अभियान आगे और भी व्यापक रूप लेगा। हरिद्वार के अहमदपुर कडच क्षेत्र में लंबे समय से विकसित राजीव कॉलोनी को लेकर बेदखली की प्रक्रिया न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट से आदेश मिलते ही वहां भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाएगी।