चंडीगढ़ 3 मार्च 2026 ( दैनिक खबरनामा ) चंडीगढ़। 1.3 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के मामले में गिरफ्तार मुंबई निवासी जोशुआ ओस्कर नेविस को चंडीगढ़ जिला अदालत से राहत नहीं मिली है। अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी पिछले वर्ष 14 अगस्त से न्यायिक हिरासत में है।मामले की जांच चंडीगढ़ साइबर सेल द्वारा की जा रही है। पुलिस के अनुसार ठगी की गई राशि आरोपी के बैंक खाते में ट्रांसफर हुई थी।बचाव पक्ष का तर्क: आरोपी के वकील ने अदालत में दलील दी कि जोशुआ को झूठे मामले में फंसाया गया है। उनके अनुसार, खाते में राशि आते ही आरोपी ने स्वयं बैंक को सूचित कर खाता फ्रीज करवाने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके बावजूद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।सरकारी पक्ष का तर्क: सरकारी वकील ने अदालत को बताया कि बैंक खाता आरोपी ने नहीं, बल्कि साइबर क्राइम पुलिस ने फ्रीज करवाया था। जांच में सामने आया कि आरोपी के खाते में 1.23 करोड़ रुपये जमा हुए थे, जिनमें से 20 लाख रुपये आगे ट्रांसफर किए गए। ऐसे में प्रथम दृष्टया आरोपी की संलिप्तता स्पष्ट होती है। अभियोजन पक्ष ने यह भी आशंका जताई कि जमानत मिलने पर आरोपी साक्ष्यों और गवाहों को प्रभावित कर सकता है।इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए अदालत ने जमानत याचिका खारिज कर दी।ऐसे हुआ 1.3 करोड़ का फ्रॉड
पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता दिनेश कश्यप को 17 फरवरी 2025 को WhatsApp पर एक संदेश मिला। संदेश भेजने वाले ने स्वयं को उनका बॉस बताते हुए नए प्रोजेक्ट के नाम पर 1.3 करोड़ रुपये एक बैंक खाते में ट्रांसफर करने को कहा। विश्वास में आकर दिनेश ने कंपनी के खाते से उक्त राशि ट्रांसफर कर दी।
बाद में ठगी का पता चलने पर उन्होंने बैंक और पुलिस से संपर्क किया। जांच में खुलासा हुआ कि ट्रांसफर की गई राशि जोशुआ ओस्कर नेविस के बैंक खाते में पहुंची थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मामले की सुनवाई जारी है और अगली तारीख पर अभियोजन पक्ष सबूत पेश करेगा।